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डॉक्टर को कलेक्टर ने किया जिलाबदर, एक साल तक दुर्ग जिले में प्रवेश पर रोक


(CG ई खबर |कोरबा जिला संवाददाता : नारायण चंद्राकर)

दुर्ग जिला प्रशासन और पुलिस ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक कुख्यात बदमाश पर सख्त कार्रवाई करते हुए उसे जिलाबदर कर दिया है। नंदिनी नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अहिवारा में क्लीनिक की आड़ में दबंगई, मारपीट और धमकी देकर दहशत फैलाने वाले डॉ. दुष्यंत खोसला को कलेक्टर दुर्ग ने एक वर्ष के लिए जिले से बाहर रहने का आदेश जारी किया है।

पुलिस के अनुसार, डॉ. दुष्यंत खोसला अहिवारा क्षेत्र में क्लीनिक संचालित करता था, लेकिन इलाज से अधिक वह अपनी आपराधिक प्रवृत्तियों और दबंगई के लिए जाना जाता था। स्थानीय नागरिकों की लगातार शिकायतों में यह सामने आया कि वह लोगों को बेवजह डराता-धमकाता था, मारपीट करता था और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर क्षेत्र में भय का माहौल बनाता था।

नंदिनी नगर थाने में उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और उपद्रव से जुड़े कुल 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। लगातार शिकायतों और आपराधिक गतिविधियों के चलते पुलिस ने उसे “गुंडा बदमाश” की सूची में शामिल किया था। पुलिस द्वारा समय-समय पर चेतावनी और निगरानी के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ और समाज विरोधी गतिविधियां लगातार जारी रहीं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए कलेक्टर को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा। प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद कलेक्टर दुर्ग ने डॉ. दुष्यंत खोसला को एक वर्ष के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया। आदेश के तहत वह दुर्ग जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा, अन्यथा उस पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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