कोरबा (CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर : सरस्वती मरकाम) : छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिला कोरबा में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के कटघोरा में दूसरे “सखी वन स्टॉप सेंटर” के संचालन को शासन से हरी झंडी मिल गई है। केंद्र सरकार की परियोजना क्रियान्वयन समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कोरबा सहित प्रदेश के 7 अन्य जिलों में अतिरिक्त सेंटर खोलने की स्वीकृति दी गई थी। इसी के परिप्रेक्ष्य में अब कटघोरा में इस सेंटर को शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
एकीकृत सहायता की सुविधा
सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य निजी या सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एकीकृत सहायता प्रदान करना है। इस सेंटर के माध्यम से महिलाओं को आपातकालीन चिकित्सीय सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग के साथ-साथ अस्थायी आश्रय भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पीड़ित महिलाओं को तत्काल राहत मिल सके।
भर्ती प्रक्रिया लगभग पूर्ण
सेंटर के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित थी। स्वीकृत पदों में केंद्र प्रशासक, साइको सोशल काउंसलर, केसवर्कर, पैरा लीगल कार्मिक, पैरा मेडिकल स्टाफ, कार्यालय सहायक, रसोइया और सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। यदि नियमित भर्ती में किसी कारणवश विलंब होता है, तो संरक्षण अधिकारी और पर्यवेक्षकों की अस्थायी सेवाएं लेकर सेंटर को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
‘सखी निवास’ योजना अब भी अधर में
जहाँ एक ओर दूसरे सखी वन स्टॉप सेंटर की स्वीकृति से जिले में खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी ओर ‘सखी निवास’ (वर्किंग वुमन हॉस्टल) योजना अब भी फाइलों में उलझी हुई है। भारत सरकार के मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रस्तावित 50 बिस्तरों वाले सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल के लिए विभाग को अब तक उपयुक्त किराए का भवन नहीं मिल पाया है।
जानकारी के अनुसार विभाग के पास 37,500 रुपये प्रतिमाह तक किराया देने का प्रावधान है, लेकिन इस बजट में मानकों के अनुरूप भवन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। भवन की तलाश जारी है और जैसे ही उपयुक्त स्थान मिलेगा, योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में सखी वन स्टॉप सेंटर निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा, वहीं सखी निवास योजना के शीघ्र क्रियान्वयन की भी जिलेवासियों को प्रतीक्षा है।

