कोरबा। (CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर : सरस्वती मरकाम)
कोरबा जिला बनने के ढाई दशक बाद जिले को अपना पहला महिला थाना मिलने जा रहा है। शासन से बजट में मंजूरी मिलने के बाद अब गजट नोटिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गजट जारी होते ही वर्तमान में संचालित महिला सेल की जगह महिला थाना का संचालन शुरू हो जाएगा।
अब तक कोरबा जिले में महिला थाना नहीं होने के कारण घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना जैसे मामलों में सीधे प्राथमिकी और कार्रवाई संभव नहीं हो पाती थी। ऐसे मामलों को पहले महिला सेल भेजा जाता था, जहां पारिवारिक प्रकृति के मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर परामर्श दिया जाता था। समझौता नहीं होने की स्थिति में ही आगे कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाती थी। इसी वजह से लंबे समय से जिले में महिला थाना खोलने की मांग की जा रही थी, ताकि महिला अपराधों में त्वरित और सीधी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
महिला सेल के भवन में ही होगी शुरुआत
जानकारी के अनुसार, गजट नोटिफिकेशन के बाद प्रारंभिक तौर पर जहां अभी महिला सेल संचालित है, उसी भवन में महिला थाना शुरू किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकतानुसार संसाधन और स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी।
फिलहाल महिला सेल के सहारे चल रही व्यवस्था
महिला थाना नहीं होने की स्थिति में एक दशक पहले महिला सहायता एवं परिवार परामर्श केंद्र (महिला सेल) की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में महिला निरीक्षक भावना खंडारे महिला सेल की प्रभारी हैं। उनके नेतृत्व में महिला पुलिसकर्मियों की टीम महिला अपराधों से जुड़े मामलों में बयान, जांच और कार्रवाई करती है।
इसके साथ ही महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम और परामर्श सेवाएं भी लगातार आयोजित की जाती हैं। महिला सेल में आने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है।
महिला सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
महिला थाना खुलने से जिले में महिला अपराधों की जांच और न्याय प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी। पीड़ित महिलाओं को अब सीधे महिला थाना में शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी, जिससे न्याय की प्रक्रिया तेज और प्रभावी होगी।
जिला गठन के 25 वर्षों बाद महिला थाना खुलना महिला सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











