रायपुर: मिड-डे मील रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गंभीर मोड़ पर

CG.ई ख़बर

30 दिनों से जारी आंदोलन, अब तक दो प्रदर्शनकारियों की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मिड-डे मील योजना के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में कार्यरत रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब गंभीर और चिंताजनक मोड़ पर पहुंच गई है। प्रदेशभर की लगभग 86 हजार रसोइया, जिनमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं, बीते करीब 30 दिनों से हड़ताल पर डटी हुई हैं।

हड़ताल के दौरान अब तक दो प्रदर्शनकारियों की मौत होने की खबर सामने आई है, जिससे प्रशासन और सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आंदोलनकारी रसोइयों का कहना है कि उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जाता है, न तो समय पर भुगतान होता है और न ही किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा या स्थायी दर्जा।

स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था प्रभावित

रसोइयों की हड़ताल का सीधा असर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों पर पड़ रहा है। कई जिलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पूरी तरह ठप है, जिससे बच्चों और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

सरकार से जल्द समाधान की मांग

रसोइयों की मांग है कि

  • मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए
  • नियमित भुगतान सुनिश्चित हो
  • उन्हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा या कम से कम सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं

महिला संगठनों और मजदूर यूनियनों ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से तत्काल वार्ता और समाधान की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन सामने नहीं आया है। बढ़ते आंदोलन और मौत की घटनाओं के बाद मामला और अधिक संवेदनशील होता जा रहा है।

खबर पर अपडेट जारी है…

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