धान खरीदी में गड़बड़ी के आरोप**
(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)
कोरबा। धान खरीदी सत्र 2025–26 के दौरान कृषकों के रकबा रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मामले में एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
गंभीर लापरवाही उजागर
तहसील हरदीबाजार अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता एवं पूटा के कृषकों के खेतों की ऑनलाइन मैपिंग एवं रकबा दर्ज करने में भारी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि पटवारी हल्का नंबर 03, रा.नि.मं. तिवरता, श्रीमती कामिनी कारे द्वारा कई कृषकों के खेतों का वास्तविक निरीक्षण एवं सत्यापन किए बिना ही रकबा दर्ज किया गया।
इस लापरवाही के कारण कई कृषक धान खरीदी केंद्रों में अपना धान विक्रय नहीं कर सके, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।
शासन निर्देशों की अवहेलना
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पाली द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य शासन के निर्देशों की अवहेलना, कर्तव्य के प्रति उदासीनता एवं कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर पटवारी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस
इसी प्रकरण में पर्यवेक्षण में लापरवाही पाए जाने पर तहसीलदार हरदीबाजार, श्री अभिजीत राजभानु को भी अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे सात दिवस के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि अपने अधीनस्थ कर्मचारी के कार्य की समुचित निगरानी क्यों नहीं की गई।
जिला प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि कर्तव्य में कोताही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य धान खरीदी प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, जवाबदेह और किसान-हितैषी बनाना है।









