पटना / पूर्णिया (CG ई खबर) : बिहार की राजनीति में शुक्रवार की रात उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गई, जब पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने आधी रात करीब 11:45 बजे गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने धोखाधड़ी और धमकी से जुड़े मामले में हुई, जिसमें अदालत पहले ही उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी थी।
1995 के केस में देर रात कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक यह कोई नया मामला नहीं, बल्कि साल 1995 का लंबित केस है। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पप्पू यादव को उनके उत्तरी मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार किया। जैसे ही पुलिस की मौजूदगी की खबर फैली, बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
दो घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
जानकारी के अनुसार पुलिस टीम रात करीब 9:45 बजे आवास पहुंची थी। समर्थकों ने गिरफ्तारी वारंट दिखाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच करीब ढाई घंटे तक तीखी नोक-झोंक चलती रही। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
आखिरकार पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट का वारंट दिखाया, जिसके बाद गिरफ्तारी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई।
तबीयत खराब होने का दावा, IGIMS ले जाया गया
गिरफ्तारी के दौरान सांसद पप्पू यादव ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही। इसके बाद पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) लेकर गई।
भावुक हुए सांसद, समर्थकों ने सड़क पर किया हंगामा
जब पुलिस उन्हें स्कॉर्पियो वाहन में बैठाकर ले जाने लगी, तो पप्पू यादव भावुक और लड़खड़ाते नजर आए। यह दृश्य देखते ही समर्थकों का आक्रोश फूट पड़ा। कई समर्थक सड़क पर लेट गए, पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की और जमकर नारेबाजी की। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को सख्ती करनी पड़ी।
सियासी हलचल तेज
इस गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कोर्ट के आदेश का पालन मात्र है।
फिलहाल पप्पू यादव को मेडिकल जांच के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पुलिस हिरासत में रखा गया है। मामले पर सभी की नजरें अब कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।











