(CG ई खबर. दर्री ब्लॉक रिपोर्ट: सरस्वती मरकाम)
छत्तीसगढ़ / बिलासपुर :छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की स्वायत्तता से जुड़े एक अहम मामले में ने स्पष्ट फैसला सुनाते हुए निजी स्कूलों को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर आयोजित करने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को यह अधिकार है कि वह प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर परीक्षा प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे निजी स्कूलों की मूल शैक्षणिक गतिविधियों में कोई अनुचित हस्तक्षेप नहीं माना जा सकता।
क्या था मामला
यह याचिका छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा दायर की गई थी। एसोसिएशन का तर्क था कि निजी स्कूलों में 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा विभागीय स्तर पर कराना स्कूलों की स्वायत्तता पर सीधा हस्तक्षेप है। साथ ही इससे आंतरिक शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होगी।
मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने एसोसिएशन के सभी तर्कों को खारिज करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश को पूरी तरह वैध ठहराया।
प्रदेश भर में पड़ेगा असर
कोर्ट के इस निर्णय का सीधा असर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त करीब 6200 निजी हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूलों पर पड़ेगा। अब इन सभी स्कूलों में कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तय नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित की जाएंगी।
शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता की उम्मीद
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से परीक्षा प्रणाली में एकरूपता आएगी, मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।
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