नई दिल्ली (CG ई खबर) : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के रूस से कच्चा तेल न खरीदने के दावे पर अब रूस की ओर से कड़ा जवाब सामने आया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ट्रंप के इस बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि भारत द्वारा रूसी तेल खरीद बंद करने की बात सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति कह रहे हैं, इसके अलावा किसी अन्य पक्ष ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है।
लावरोव ने स्पष्ट किया कि रूस और भारत के बीच तेल समेत अन्य क्षेत्रों में हुए सभी समझौते पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग पहले की तरह मजबूत बना हुआ है।
भारत भी दे चुका है स्पष्ट बयान
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ कर चुकी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा था कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के अनुसार विभिन्न देशों से कच्चा तेल खरीदेगा और सप्लाई चेन को स्थिर बनाए रखने के लिए स्रोतों में विविधता लाना जारी रखेगा।
वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी दो टूक कहा कि 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस के साथ भारत के सभी समझौते पूर्ववत जारी हैं।
टैरिफ की पुरानी चेतावनी
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। यह कदम बाद में वापस ले लिया गया था, लेकिन अमेरिका की ओर से चेतावनी दी गई थी कि यदि भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल की खरीद दोबारा शुरू की, तो 25 प्रतिशत टैरिफ फिर से लगाया जा सकता है।
अमेरिका पर लावरोव का गंभीर आरोप
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भारत और ब्रिक्स देशों के साथ रूस के व्यापार, निवेश और सैन्य सहयोग को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। लावरोव के मुताबिक, अमेरिका टैरिफ, प्रतिबंध और दबाव की नीतियों के जरिए वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के आने के बाद अमेरिका की यह नीति और अधिक खुलकर सामने आ रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सहयोग पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।











