उत्तरप्रदेश / लखनऊ (CG ई खबर) : लखनऊ। कल तक विविधताओं से भरे देश में एकता को हमारी सबसे बड़ी ताकत माना जाता था, लेकिन क्या अब यह सोच इतिहास बनती जा रही है? यह सवाल के ऐतिहासिक लाल बारादरी परिसर में जारी विवाद को देखकर उठ रहा है। लाल बारादरी को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार तीसरे दिन भी शांत नहीं हो सका है। हालात ऐसे हैं कि कैंपस में भारी पुलिस बल और PAC की तैनाती के बावजूद तनाव बना हुआ है।
🔴 कैसे शुरू हुआ विवाद
विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाल बारादरी भवन की जर्जर हालत और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए परिसर को बैरिकेड कर दिया। इसी दौरान रमजान के महीने में कुछ मुस्लिम छात्रों ने बैरिकेड के बाहर नमाज अदा की और इफ्तार किया। यहीं से विवाद ने तूल पकड़ लिया।
🟠 छात्र संगठनों का विरोध
नमाज के बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने इसे मुद्दा बनाते हुए विरोध शुरू कर दिया। मंगलवार को , और से जुड़े छात्र लाल बारादरी के पास पहुंचे।
इन संगठनों ने मौके पर हनुमान चालीसा पाठ किया और परिसर के “शुद्धिकरण” की मांग उठाई, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया।
🟡 पुलिस का हस्तक्षेप, हिरासत में छात्र
स्थिति बिगड़ते देख भारी पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप किया। कई छात्रों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस भेजा गया। पूरे विश्वविद्यालय परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और PAC सहित अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
🔵 कैंपस में शांति, लेकिन तनाव बरकरार
प्रशासन का दावा है कि पुलिस की सक्रियता से झगड़े को फिलहाल शांत कर दिया गया है, लेकिन कैंपस में अब भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। छात्र संगठनों के रुख और धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे ने विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या संवाद से समाधान निकलेगा या यह विवाद और गहराएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।











