बिलासपुर (CG ई खबर)।न्यायधानी के महंतबाड़ा क्षेत्र में की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, विस्तार योजना तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की।
प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में प्रदेश संरक्षक भागवत पात्रे, प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद बंजारे, प्रदेश उपाध्यक्ष केदारनाथ बरेठ, प्रदेश सचिव श्रवण घृतलहरे, प्रदेश संयुक्त सचिव शत्रुहन बंजारे, तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष जगदीश घृतलहरे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त डोमन बंजारे (जिला सचिव, बेमेतरा), नंदकुमार राजपूत, चंद्रवती बंजारे, लता गुप्ता, अनुराधा राव, विनोद नवरंग, समीर बंजारे और धरम वर्मा सहित अनेक सक्रिय सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के प्रमुख बिंदु
🔹 संगठन विस्तार:
छत्तीसगढ़ के सभी जिलों एवं ब्लॉक स्तर तक महासंघ की इकाइयों के गठन पर सहमति बनी। पत्रकार हितैषी कार्यक्रमों, सम्मेलनों और प्रशिक्षण सत्रों की आगामी योजना साझा की गई।
🔹 पत्रकार सुरक्षा:
कार्यस्थल पर पत्रकारों को आने वाली चुनौतियों, उत्पीड़न और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर गंभीर विमर्श हुआ। आवश्यकता पड़ने पर कानूनी व प्रशासनिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
महासंघ की कार्यशैली – एक नज़र
🔸 एकजुटता और भाईचारा:
ग्रामीण व शहरी पत्रकारों को एक मंच पर जोड़कर संकट की घड़ी में सामूहिक समर्थन सुनिश्चित करना।
🔸 पत्रकार कल्याण:
पत्रकारों के मान-सम्मान की रक्षा तथा सामाजिक-आर्थिक हितों के लिए शासन-प्रशासन से संवाद।
🔸 संवैधानिक मर्यादा:
पूरी तरह लोकतांत्रिक संचालन, जहाँ हर पदाधिकारी और सदस्य की राय को महत्व दिया जाता है।
🔸 निष्पक्ष कार्यप्रणाली:
फील्ड में कार्यरत पत्रकारों को कानूनी/प्रशासनिक समस्याओं में त्वरित सहयोग।
🔸 नैतिक पत्रकारिता को बढ़ावा:
सत्यनिष्ठ व जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए कार्यशालाएं और निरंतर संवाद।
व्यापक सांगठनिक ढांचा
महासंघ जिला व ब्लॉक स्तर तक कार्यकारिणी का विस्तार कर जमीनी पत्रकारों से सीधा जुड़ाव बना रहा है। पत्रकारों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ संगठन मुखर होकर आवाज उठाता है और आवश्यक कानूनी/नैतिक सहायता प्रदान करता है। नियमित बैठकों के माध्यम से पत्रकारिता की चुनौतियों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा की जाती है।
महासंघ स्वयं को एक “परिवार” के रूप में स्थापित करते हुए छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों की रक्षा हेतु सतत सक्रिय भूमिका निभा रहा है।











