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नई दिल्ली। दिल्ली की बहुचर्चित कथित आबकारी (शराब) नीति मामले में बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। और को ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को निर्णय सुनाते हुए केजरीवाल (आरोपी क्रमांक-18) और सिसोदिया सहित अन्य आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
फैसला सुनते ही कोर्ट परिसर में भावुक दृश्य देखने को मिले। अरविंद केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया को गले लगाया और दोनों की आंखें नम हो गईं। आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं में खुशी और उत्साह का माहौल रहा।
“सत्य की जीत हुई” – केजरीवाल
फैसले के बाद AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा,
“पिछले कुछ वर्षों से भारतीय जनता पार्टी हमारे ऊपर शराब घोटाले को लेकर लगातार आरोप लगाती रही। आज अदालत ने सभी आरोप खारिज कर दिए हैं। हमें न्यायपालिका पर भरोसा था—सत्य की जीत हुई है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के खिलाफ साजिश रची गई।
“पार्टी को खत्म करने के लिए हमारे पांच बड़े नेताओं को गिरफ्तार किया गया, एक मौजूदा मुख्यमंत्री को जेल भेजा गया और हर चैनल पर हमें भ्रष्ट कहा गया। यह पूरा मामला फर्जी था। केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है—मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है।”
सिसोदिया ने भी जताई संतुष्टि
मनीष सिसोदिया ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह न्याय और सच्चाई की जीत है। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्णय से लोकतंत्र और न्यायिक प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। जहां AAP इसे अपनी नैतिक जीत बता रही है, वहीं विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।











