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कोयला बना काल: मौत की नींद सो गया पूरा परिवार, दम घुटने से पति–पत्नी और मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत


छत्तीसगढ़ / (CG ई खबर) :  
जिले से एक दिल दहला देने वाली और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के चंद्रपुर गांव में ठंड से बचने की कोशिश एक पूरे परिवार के लिए काल बन गई। बंद कमरे में सिगड़ी पर जलाया गया कोयला तीन जिंदगियों को लील गया, जिससे पति, पत्नी और उनकी 3 वर्षीय मासूम बच्ची की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई।

👉 मौत से बचने का मौका तक नहीं मिला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंद्रपुर गांव निवासी कवल, उसकी पत्नी कुन्ती और उनकी 3 साल की बेटी ममता रात के समय एक कमरे में सो रहे थे। घर के अन्य सदस्य उनके दो बच्चों के साथ दूसरे कमरे में सोए हुए थे। ठंड अधिक होने के कारण कवल और उसकी पत्नी ने बंद कमरे के अंदर सिगड़ी में कोयला जला लिया और उसी हालत में सो गए।

रात भर कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भरती रही, जिसका उन्हें जरा भी आभास नहीं हुआ। सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे परिजन यह देखकर स्तब्ध रह गए कि तीनों बिस्तर पर अचेत पड़े थे। उन्हें जगाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी—तीनों की दम घुटने से मौत हो चुकी थी।

👉 बिना खिड़की–रोशनदान का कमरा बना मौत का फंदा

बताया जा रहा है कि जिस कमरे में यह हादसा हुआ, वहां न तो खिड़की थी और न ही कोई रोशनदान। ऐसे में सिगड़ी से निकली जहरीली गैस बाहर नहीं निकल सकी और पूरा कमरा गैस से भर गया। कोयला जलने से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बेहद खतरनाक होती है, जो बिना गंध के इंसान को मौत की नींद सुला देती है। परिवार की अज्ञानता और लापरवाही ने इस त्रासदी को जन्म दिया।

👉 पुलिस जांच में जुटी, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

👉 गांव में पसरा मातम

इस हृदयविदारक घटना की खबर फैलते ही पूरे चंद्रपुर गांव में मातम छा गया। घर में खुशियों की जगह चीख–पुकार गूंज रही है। परिजन सदमे में हैं और गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जा रही है कि ठंड के मौसम में बंद कमरे में कोयला, सिगड़ी या अंगीठी जलाने से बचें, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही किस तरह पूरे परिवार की जिंदगी छीन सकती है।

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