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| IBC 24 |
पाकिस्तान सरकार ने रविवार को किए गए हवाई हमलों को आतंकवादियों के खिलाफ अभियान बताया था। गुरुवार को सीमा पर झड़पों की पुष्टि तो की गई, लेकिन अफगान सेना द्वारा चौकियों पर कब्जे के दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। हालांकि, पाकिस्तान ने अफगान हमलों को “बिना उकसावे की कार्रवाई” करार दिया है।
डूरंड लाइन पर भयंकर संघर्ष, दोनों ओर से दावे
अफगान सेना के पूर्वी क्षेत्रीय सैन्य कोर के मीडिया कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि गुरुवार रात सीमा पर “भारी संघर्ष” शुरू हुए। बयान में कहा गया कि ये हमले नंगरहार और पक्तिया प्रांतों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों के जवाब में किए गए।
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना की बार-बार की जा रही कार्रवाइयों के जवाब में ‘डूरंड लाइन’ के साथ स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और प्रतिष्ठानों पर बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान शुरू किए गए हैं।
15 पाकिस्तानी पोस्टों पर कब्जे का दावा, सैनिक पकड़े जाने की बात
दोनों देशों के बीच लगभग 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को ‘डूरंड लाइन’ कहा जाता है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता। मुजाहिद के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा पकड़े जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों पर पाकिस्तान की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर बयान जारी कर कहा कि अफगानिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सीमा के कई स्थानों पर “बिना उकसावे के गोलीबारी” की है, जिसका सुरक्षा बल “तत्काल और प्रभावी जवाब” दे रहे हैं। मंत्रालय ने दावा किया कि शुरुआती रिपोर्टों में अफगान पक्ष को भारी नुकसान और कई चौकियों व उपकरणों के नष्ट होने की जानकारी सामने आई है।
वीडियो फुटेज जारी, स्वतंत्र पुष्टि नहीं
अफगान सेना ने रात में सैन्य वाहनों की आवाजाही और भारी गोलीबारी के वीडियो फुटेज भी जारी किए हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इससे पहले पाकिस्तान ने सीमा के पास किए गए हमलों में कम से कम 70 आतंकवादियों के मारे जाने का दावा किया था, जिसे अफगानिस्तान ने खारिज करते हुए कहा कि हमलों में महिलाएं और बच्चे सहित कई आम नागरिक मारे गए।
सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों के दावों और जवाबी बयानों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।











