(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
छत्तीसगढ़ / कोरबा – कुसमुंडा मार्ग पर जनता को हो रही लगातार परेशानियों के बीच जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आखिरकार सफल रहा। मंगलवार 24 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस आंदोलन के दबाव में प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन को झुकना पड़ा।
आंदोलन का समापन तब हुआ जब प्रशासन ने 20 अप्रैल 2026 से पहले फोरलेन सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया।
🪧 नेतृत्व और प्रशासन की प्रतिक्रिया
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने किया। वार्ता के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इमलीछापर चौक पर प्रस्तावित ओवरब्रिज का मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है। निर्णय आते ही निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने का भरोसा दिया गया।
🚧 दो साल से अधूरा निर्माण, जनता परेशान
सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क का काम करीब दो वर्षों से ठप पड़ा है। वहीं इमलीछापर चौक पर ओवरब्रिज निर्माण भी अधूरा है, जिससे रोजाना जाम और दुर्घटना की स्थिति बन रही है।
स्थानीय पार्षद गीता गभेल लगातार इस मुद्दे को उठाती रही हैं। उन्होंने पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी थी, जिसे बाद में परिस्थितियों के चलते एकदिवसीय धरना में बदला गया।
🚦 जनसैलाब से बने चक्काजाम जैसे हालात
धरना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे, जिससे चक्काजाम जैसी स्थिति बन गई। कुसमुंडा व्यापारी संघ, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।
ब्लॉक अध्यक्ष बसंत चंद्रा ने बताया कि ढाई वर्षों से ओवरब्रिज निर्माण अधर में लटका हुआ है। बारिश के दौरान एसईसीएल द्वारा कई मकानों को हटाया गया, लेकिन निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया।
🏗️ पूर्व मंत्री के प्रयासों का जिक्र
धरना के दौरान नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने कहा कि पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के प्रयासों से इस सड़क निर्माण के लिए एसईसीएल से बड़ी राशि स्वीकृत हुई थी, जिसके बाद काम शुरू हुआ था। इसके बावजूद कार्य अधूरा रहना चिंता का विषय है।
📜 समझौते में लिए गए अहम फैसले
प्रशासन, एसईसीएल और पीडब्ल्यूडी के साथ हुई बैठक में इन बिंदुओं पर सहमति बनी—
- 20 अप्रैल 2026 से पहले फोरलेन सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा
- 10 अप्रैल तक कुचैना मोड़ से इमलीछापर तक डामरीकरण पूरा किया जाएगा
- कुचैना मोड़ से सर्वमंगला चौक तक स्ट्रीट लाइट और साइन बोर्ड लगाए जाएंगे
- जाम से राहत के लिए भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा
- एसईसीएल की ओर से 5 कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी
- ओवरब्रिज निर्माण न्यायालय के निर्णय के बाद शुरू होगा
- आंदोलन में शामिल लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी
इस समझौता पत्र पर प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, एसईसीएल और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए।
✅ जनदबाव की जीत, राहत की उम्मीद
यह आंदोलन क्षेत्र की जनता के लिए निर्णायक साबित हुआ। लंबे समय से लंबित मांगों पर प्रशासन की सहमति मिलने से लोगों में राहत की उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें तय समयसीमा में कार्य शुरू होने पर टिकी हैं।
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