रायपुर/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती का मामला एक बार फिर सामने आया है। दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में भाजपा नेता द्वारा अफीम की खेती कराए जाने का मामला अभी देशभर में चर्चा में ही था कि अब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी इलाके में अफीम की व्यापक खेती का खुलासा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर खेतों और संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस क्षेत्र में अफीम की खेती पाई गई है, वहां तक चार पहिया वाहन से पहुंचना भी संभव नहीं है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि यह खेती लंबे समय से गुप्त रूप से की जा रही थी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। खेत में बरामद अफीम की फसल को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि इसका उपयोग लंबे समय से किया जा रहा था और संभवतः इसकी कटाई भी की जाती रही है।
गौरतलब है कि पिछले पखवाड़े के भीतर प्रदेश में यह दूसरा मामला है जब बड़ी मात्रा में अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। इससे पहले दुर्ग जिले के समोदा गांव में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था, जिसने प्रदेश की कानून व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। देर शाम तक इस मामले में अधिकृत जानकारी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

