(CG ई खबर प्रमुख संपादक ओम प्रकाश पटेल)
कोरबा/जांजगीर-चांपा (CG ई खबर)। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में मैकेनिक सनत कश्यप द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक रूप से सामने आए वीडियो में जहां युवक ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था, वहीं अब जांच में पता चला है कि उसे धमकी भरा फोन किसी पुलिसकर्मी ने नहीं बल्कि एक अन्य युवक ने किया था, जिसने खुद को पुलिस बताकर उसे डराया था।
मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले से जुड़े इस मामले में पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि कोरबा के गेवरा बस्ती निवासी सचिन खरे ने युवक सनत कश्यप को फोन कर खुद को पंतोरा थाना/चौकी से बोलने वाला पुलिसकर्मी बताया था। आरोपी ने इसी नाम का इस्तेमाल कर सनत को धमकाया और पूछताछ व कार्रवाई का डर दिखाया।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला आरोपी युवक की बहन के एक अन्य युवक के साथ चले जाने से जुड़ा था। इसी घटना को लेकर सचिन खरे ने सनत कश्यप को कई बार फोन कर धमकाया, जबकि सनत का इस मामले से प्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध नहीं था। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के कारण सनत कश्यप काफी परेशान हो गया था।
घटना से पहले सनत ने अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने गाली-गलौज और धमकियों से आहत होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात कही थी। इसके बाद उसने कोरबा के उरगा क्षेत्र में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सचिन खरे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पंतोरा थाना का नाम लेकर युवक को डराया, जिससे न केवल युवक मानसिक रूप से भयभीत हुआ बल्कि इस घटना के कारण पुलिस प्रशासन की छवि भी प्रभावित हुई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि धमकी भरे फोन और मानसिक दबाव की इस घटना की पूरी कड़ी क्या रही। वहीं इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन के किसी भी संस्था या पुलिस का नाम लेकर धमकाना गंभीर अपराध है।
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