(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ की आर्थिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े दो बड़े मामलों को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने जिला कलेक्टर कोरबा के माध्यम से देश की राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि एक ओर प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों की खुलेआम लूट हो रही है, तो दूसरी ओर नशे का कारोबार युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है।
SECL कुसमुंडा परियोजना में 2100 करोड़ का ‘कोयला खेल’!
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में SECL की कुसमुंडा परियोजना में करीब 70 लाख टन कोयले की संदिग्ध हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाया है।
संगठन के मुताबिक उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण में बड़ा अंतर सामने आया है।
- मार्च 2025 का क्लोजिंग स्टॉक: 96.90 लाख टन
- अप्रैल 2025 का ओपनिंग स्टॉक: 89.99 लाख टन
यानी करीब 7 लाख टन कोयला रिकॉर्ड से गायब बताया जा रहा है। संगठन का दावा है कि इस कोयले की बाजार कीमत करीब 2100 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
क्रान्ति सेना का कहना है कि यदि यह आंकड़े सही हैं तो यह सिर्फ आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध है। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसी या उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने की मांग की है।
दुर्ग और बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती का खुलासा
संगठन ने राज्यपाल को सौंपे गए दूसरे ज्ञापन में प्रदेश में फैल रहे नशे के नेटवर्क पर गंभीर चिंता जताई है।
- दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में एक भाजपा नेता के फार्म हाउस से करीब 14 लाख अफीम के पौधे जब्त किए जाने का मामला सामने आया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
- वहीं बलरामपुर जिले में मक्के की फसल के बीच छुपाकर की जा रही अफीम की खेती का भी पुलिस और राजस्व अमले ने खुलासा किया है।
संगठन का आरोप है कि यह सब बिना किसी स्थानीय संरक्षण के संभव नहीं है, इसलिए पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जरूरी है।
क्रान्ति सेना की चेतावनी
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में एक तरफ कोयले जैसे बहुमूल्य संसाधनों की लूट हो रही है, वहीं दूसरी ओर नार्को सिंडिकेट युवाओं को नशे की गिरफ्त में लेने की साजिश कर रहा है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन दोनों मामलों में जल्द निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच शुरू नहीं हुई, तो वे प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।




