(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
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कोरबा, 13 मार्च (CG ई खबर)। जिले के उरगा थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने आत्महत्या करने से पहले मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी बेगुनाही बताते हुए पुलिस की कथित प्रताड़ना का जिक्र किया है। युवक की मौत के बाद परिजनों ने सीधे तौर पर पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाया है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा निवासी सनत कश्यप (25) कोरबा में एक निजी कंपनी के गैरेज में मिस्त्री का काम करता था। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे उसने अपने कमरे में सीलिंग पंखे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताया जा रहा है कि सनत कश्यप ने आत्महत्या से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उसने कहा कि उसके रूम पार्टनर धीरेंद्र पाटले के एक युवती को भगाने के मामले में उसका कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद जांजगीर-चांपा जिले की पंतोरा पुलिस चौकी से उसे बार-बार फोन कर गाली-गलौज और धमकियां दी जा रही थीं।
वीडियो में सनत यह कहते हुए दिखाई देता है कि उसके परिवार की तरफ से उसे कोई परेशानी नहीं है, लेकिन पुलिस की धमकियों से वह बेहद भयभीत और मानसिक दबाव में था। उसे आशंका थी कि पूछताछ के नाम पर उसके साथ मारपीट की जा सकती है या उसे झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। इसी डर और मानसिक तनाव में उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मृतक चार भाइयों में सबसे छोटा था और परिवार की उम्मीदों का सहारा माना जाता था। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की बेवजह प्रताड़ना और धमकियों ने ही उनके बेटे को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं यह घटना एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली और आम नागरिकों के साथ व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
फिलहाल उरगा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर युवक के मोबाइल में रिकॉर्ड वीडियो सच साबित होता है, तो क्या जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी या फिर मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
CG ई खबर इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

