(CG ई खबर | प्रमुख संपादक ओम प्रकाश पटेल)
रेत खदानों पर सरकार का बड़ा फैसला, अवैध खनन पर कड़ा प्रहार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेत के बढ़ते संकट और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रेत खनन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम ने बताया कि छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 में संशोधन किया गया है।
📌 अब सरकारी संस्थाओं के लिए आरक्षित होंगी रेत खदानें
नई व्यवस्था के तहत अब केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों, जैसे को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी। इससे रेत की उपलब्धता बढ़ेगी और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
⚖️ अवैध खनन पर सख्ती
सरकार ने अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़े दंड का प्रावधान किया है।
- जुर्माना: ₹25,000 से ₹5 लाख तक
- अवैध परिवहन मामलों में जमानत राशि तय
📊 पारदर्शिता और राजस्व बढ़ाने पर जोर
संशोधन का मुख्य उद्देश्य:
- खनन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना
- अवैध खनन पर नियंत्रण
- राज्य के राजस्व में वृद्धि
- प्रक्रियाओं का सरलीकरण
इसके अलावा, लंबे समय से बंद या निष्क्रिय खदानों पर 30 वर्षों बाद भाटक दर में वृद्धि का प्रावधान किया गया है।
🏗️ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा
कैबिनेट ने औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में भी संशोधन को मंजूरी दी है।
- भूमि आवंटन के लिए स्पष्ट पात्रता तय
- न्यूनतम और अधिकतम सीमा निर्धारित
- लैंड बैंक भूखंडों के लिए एप्रोच रोड अनिवार्य
- PPP मॉडल को बढ़ावा, जिससे निजी निवेश और औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी
👉 निष्कर्ष:
सरकार के इस फैसले से जहां रेत की किल्लत दूर होने की उम्मीद है, वहीं अवैध खनन पर लगाम कसने और औद्योगिक विकास को गति देने का रास्ता भी साफ होता नजर आ रहा है।

