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26 जनवरी 2026: PNC इंफ्राटेक प्रोजेक्ट में ध्वजारोहण पर विवाद—वायरल तस्वीर ने उठाए बड़े सवाल


(CG ई खबर  | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)

कोरबा, छत्तीसगढ़ : (SECL) के गेवरा प्रोजेक्ट में आउटसोर्सिंग से जुड़ी से संबंधित एक फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर 26 जनवरी 2026 के ध्वजारोहण कार्यक्रम की है, जिसमें एक कर्मचारी जूते पहनकर झंडा फहराते दिखाई दे रहा है।

हालांकि, CG ई खबर इस वायरल फोटो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता, लेकिन इस घटना ने राष्ट्रध्वज से जुड़े कानूनी प्रावधानों और प्रोटोकॉल पर चर्चा जरूर तेज कर दी है।


⚖️ कानून क्या कहता है?

भारत में राष्ट्रध्वज के सम्मान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं:


  • 👉 राष्ट्रध्वज को सम्मान, गरिमा और अनुशासन के साथ फहराना अनिवार्य है।
    👉 इसमें ड्रेस कोड (जैसे जूते पहनना/न पहनना) को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं दिया गया है।


  • 👉 राष्ट्रध्वज का जानबूझकर अपमान (जैसे फाड़ना, जलाना, जमीन पर गिराना) दंडनीय अपराध है।
    👉 इसके तहत 3 साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है।


❗ विवाद से अलग, जिम्मेदारी का सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रध्वज की गरिमा से समझौता होता प्रतीत हो, तो यह जरूरी है कि
    👉 आयोजक और जिम्मेदार अधिकारी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करें
    👉 कार्यक्रम से पहले प्रतिभागियों को सही दिशा-निर्देश दिए जाएं

  • केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी आयोजन व्यवस्था की जवाबदेही भी तय होती है


📢 प्रशासन से क्या अपेक्षा?

इस तरह के मामलों में सामान्यतः यह अपेक्षा की जाती है कि:

  • वायरल सामग्री की तथ्यात्मक जांच की जाए
  • यदि कोई प्रोटोकॉल में कमी पाई जाती है, तो उसे सुधारा जाए
  • भविष्य के लिए स्पष्ट SOP (Standard Operating Procedure) लागू किए जाएं

🗣️ निष्कर्ष (Balanced View)

👉 कानूनी तौर पर:
जूते पहनकर ध्वजारोहण करना अपने आप में अपराध नहीं है, जब तक कि राष्ट्रध्वज का स्पष्ट अपमान न हो।

👉 प्रशासनिक और नैतिक तौर पर:
राष्ट्रीय पर्वों पर उच्च स्तर की मर्यादा और अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की विवादित स्थिति से बचा जा सके।


📌 CG ई खबर की अपील:
राष्ट्रध्वज देश की अस्मिता का प्रतीक है। ऐसे में हर संस्था और नागरिक की जिम्मेदारी है कि कानून के साथ-साथ भावनात्मक सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा जाए।


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