(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
कोरबा। कोयलांचल क्षेत्र में बहुचर्चित मलगांव मुआवजा घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की आहट तेज हो गई है। करीब 20 दिनों तक गहन पड़ताल करने के बाद सीबीआई ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जांच में फर्जी भूविस्थापित बनाकर, संपत्ति न होने के बावजूद कागजों में संपत्ति दर्शाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा हासिल करने का मामला प्रमाणित हुआ है। सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण में करीब डेढ़ दर्जन लोगों पर आरोप तय किए गए हैं, जिन पर जल्द ही कार्रवाई की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि SECL की दीपका परियोजना से प्रभावित ग्राम मलगांव में फर्जी मुआवजा प्रकरण तैयार कर सांठगांठ के जरिए करोड़ों का घोटाला किया गया। सीबीआई की टीम 6 अप्रैल से कोरबा में डेरा डालकर जांच कर रही थी। डीएसपी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम ने सुरक्षा के बीच दस्तावेजों की गहन जांच की और कई अहम तथ्य जुटाए।
अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध
जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे घोटाले में प्रशासन और SECL के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध रही है। तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी, आरआई समेत अन्य कर्मचारियों पर फर्जीवाड़े में शामिल होने के संकेत मिले हैं। साथ ही कोयलांचल के दो चर्चित नामों को इस घोटाले का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है, जिन्होंने अवैधानिक तरीके से लाभ भी उठाया।
अब रलिया बना नया हॉटस्पॉट
मलगांव की जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने अब गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम रलिया की ओर रुख किया है। टीम रवानगी से पहले रलिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गई है। सूत्रों के अनुसार, रलिया गांव भी फर्जी मुआवजा घोटाले का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।
यहां भी फर्जी भूविस्थापित बनाकर, कागजों में संपत्तियां दिखाकर और रिश्तेदारों/परिचितों के नाम पर जमीन व निर्माण दर्शाकर लाखों-करोड़ों का मुआवजा हासिल करने के आरोप हैं। यहां तक कि ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो उस क्षेत्र के निवासी तक नहीं हैं, फिर भी मुआवजा लेने में सफल रहे।
तेज हुई धड़कनें, जल्द कार्रवाई के संकेत
सीबीआई द्वारा दस्तावेज जब्त किए जाने और जांच के दायरे के विस्तार के बाद संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और फर्जी लाभार्थियों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही रलिया में भी मौके पर निरीक्षण कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

