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झाबू राखड़ डैम बना मौत का गड्ढा: हफ्ते में दूसरी बार टूटा बांध, JCB ऑपरेटर की मौत


कटघोरा-कोरबा (छत्तीसगढ़) : 
कटघोरा क्षेत्र के झाबू स्थित राखड़ (फ्लाई ऐश) डैम में एक और बड़ा हादसा सामने आया है। महज एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार डैम का हिस्सा टूटने से इलाके में हड़कंप मच गया है।

ताजा घटना में डैम का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे वहां काम कर रही JCB और पोकलेन मशीनें करीब 150 मीटर नीचे जा गिरीं। इस दर्दनाक हादसे में एक JCB ऑपरेटर मलबे में दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मलबे में बाइक दबने की आशंका

घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मलबे के नीचे कुछ बाइक भी दबे होने की आशंका है, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है।

स्थानीयों के गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में ठेकेदार कंपनी शंकर इंजीनियरिंग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि:

  • डैम की रेजिंग (ऊंचाई बढ़ाने का काम) पहले इसी कंपनी द्वारा किया गया था
  • रेजिंग कार्य में भारी लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया
  • जानबूझकर पोकलेन मशीन से डैम को कमजोर किया गया

स्थानीयों का आरोप है कि बांध को इस तरह से छेड़ा गया ताकि राखड़ बाहर बह सके और डैम पूरी तरह भरने की स्थिति न आए। इससे कथित गड़बड़ियों और फर्जी सप्लाई के भुगतान को छुपाया जा सके।

“भ्रष्टाचार छुपाने के लिए लिया गया खतरनाक कदम”

ग्रामीणों का कहना है कि बिना वास्तविक सप्लाई के भुगतान लिए जाने की बात सामने आ सकती थी, जिसे दबाने के लिए यह खतरनाक कदम उठाया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रशासन पर भी उठे सवाल

लगातार दूसरी बार डैम टूटने की घटना ने प्रशासन और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहले हादसे के बाद सख्ती बरती जाती, तो आज यह जानलेवा घटना टाली जा सकती थी।

जांच और कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है और मलबे में दबे लोगों या वाहनों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

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