कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत झाबर में शासकीय एवं वन विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री के कथित खेल को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामवासियों का आरोप है कि भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और वन भूमि पर कब्जा कर धड़ल्ले से प्लॉटिंग और निर्माण कार्य किया जा रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भू-माफिया पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई कर शासकीय भूमि पर अवैध मकानों का निर्माण कराया जा रहा है। इससे क्षेत्र के प्राकृतिक संतुलन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने किया निरीक्षण, तैयार किया पंचनामा
मामले की गंभीरता को देखते हुए 20 मई 2026 को ग्राम पंचायत झाबर के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कथित अवैध निर्माण कार्य को रुकवाते हुए स्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले का पंचनामा तैयार किया।
ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा शासकीय एवं वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को तत्काल हटाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति नहीं सुधरी तो ग्रामवासी स्वयं अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद
निरीक्षण और बैठक के दौरान ग्राम सरपंच रामसिंह कंवर, सचिव धीरज मरकाम, पूर्व सरपंच पति चंद्रपाल सिंह कंवर, पूर्व उपसरपंच मुकेश जायसवाल, उपसरपंच पति निलेश साहू, ग्राम समिति अध्यक्ष गणेश सिंह ऊईके सहित पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



