छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल संकट गहराता जा रहा है। देशभर में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच राज्य के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर तेल की किल्लत देखने को मिल रही है। कई पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि जहां ईंधन उपलब्ध है वहां वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है और पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
इसी बीच गरियाबंद जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गरियाबंद कलेक्टर ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए तय हुई सीमा
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब जिले में दोपहिया वाहनों को अधिकतम 300 रुपये तक और चारपहिया वाहनों को अधिकतम 1000 रुपये तक ही पेट्रोल-डीजल दिया जाएगा। यह व्यवस्था राजिम सहित पूरे गरियाबंद जिले में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए ड्रम, जेरीकेन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उद्देश्य जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाना बताया गया है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक नियमों का उल्लंघन करते हुए ड्रम, जेरीकेन या बोतलों में ईंधन देता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के मुताबिक कुछ स्थानों पर पेट्रोल-डीजल की आंशिक जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका सामने आई है। इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि आम लोगों को आसानी से ईंधन मिल सके और अनावश्यक संग्रहण रोका जा सके।
प्रशासन की बढ़ी निगरानी
आदेश जारी होने के बाद प्रशासनिक अमला लगातार पेट्रोल पंपों की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे घबराहट में जरूरत से ज्यादा ईंधन संग्रह न करें।


