रायपुर। राजधानी रायपुर में (वीएचपी) द्वारा आयोजित ‘जनसंख्या असंतुलन एवं समाधान’ विषयक संगोष्ठी में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जनसंख्या को लेकर बड़ा बयान दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “हिंदू समाज ने हजार वर्षों तक अत्याचार झेलने के बावजूद अपनी जनसंख्या को बनाए रखा है, लेकिन वर्तमान समय में जनसंख्या संतुलन में बदलाव देखा जा रहा है।” उन्होंने दावा किया कि ईसाई समुदाय की संख्या तेजी से बढ़ी है, वहीं मुस्लिम आबादी में भी वृद्धि हुई है और हिंदू जनसंख्या का अनुपात घटा है।
आलोक कुमार ने मुस्लिम आबादी बढ़ने के तीन प्रमुख कारण गिनाए—पहला अधिक जन्म दर, दूसरा बांग्लादेश से कथित घुसपैठ और तीसरा धर्मांतरण। उन्होंने आरोप लगाया कि में सरकार घुसपैठियों को संरक्षण देती है, जिससे उनके आधार कार्ड और वोटर आईडी तक बन जाते हैं। उनके मुताबिक सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंख्या संरचना में बदलाव देखने को मिल रहा है।
पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि “4 मई तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और संकेत मिल रहे हैं कि वहां सरकार में बदलाव संभव है।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि सत्ता परिवर्तन होता है तो घुसपैठ पर रोक लगेगी और बाहरी लोगों का बसना मुश्किल हो जाएगा।
UCC और धर्मांतरण कानून पर क्या बोले
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण कानून को लेकर आलोक कुमार ने कहा कि राज्य में नया कानून लागू किया गया है, जिससे धर्मांतरण की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि बिना सूचना धर्मांतरण करने पर सख्त सजा का प्रावधान है और कानून का डर होना जरूरी है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने की संभावना है। उनके अनुसार, UCC लागू होने के बाद बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगाई जा सकेगी।

