(CG ई खबर|कोरबा जिला संवाददाता : नारायण चंद्राकर)
रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के नए डायमंड हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरे के संभावित विशाल भंडार की खोज के लिए एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (NCL) ने बड़े व्यास (Large Diameter) की ड्रिलिंग शुरू करने की मंजूरी दे दी है।
नई दिल्ली में आयोजित एनसीएल बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक में परियोजना की समीक्षा करते हुए निर्णय लिया गया कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएंगे। इस चरण की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद संभावित हीरा भंडार का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर विस्तृत व्यवहार्यता (Feasibility) रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
पहले ही मिल चुके हैं 5 प्राकृतिक हीरे
परियोजना को पहले ही बड़ी सफलता मिल चुकी है। लगभग 200 टन बल्क सैंपल की प्रोसेसिंग के दौरान 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे मिले थे। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त संरचना (Diamond-bearing Kimberlite) की पुष्टि हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ को मिल सकती है नई पहचान
खनन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगे की ड्रिलिंग और वैज्ञानिक परीक्षणों में बड़े भंडार की पुष्टि होती है, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों में शामिल हो सकता है। इससे प्रदेश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है।
पर्यावरण और स्थानीय हितों पर रहेगा विशेष ध्यान
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के विकास में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन और स्थानीय समुदायों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
CG ई खबर | आपकी आवाज़, आपकी खबरें 24×7


