कोरबा। जिले के चर्चित बुधवारी बायपास हिट एंड रन मामले ने अब और गंभीर मोड़ ले लिया है। सहायक उप निरीक्षक (ASI) रामनारायण रात्रे के इकलौते पुत्र चंद्रमणि उर्फ दादू रात्रे ने छह दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया। रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर सामने आते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर आक्रोश भी बढ़ गया है।
गौरतलब है कि 6-7 जून की दरम्यानी रात बुधवारी बायपास मार्ग पर हुए विवाद के बाद बोलेरो सवार आरोपियों ने चंद्रमणि को कथित रूप से वाहन से कुचल दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस समय मामला हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन अब युवक की मौत के बाद यह मामला हत्या में तब्दील हो गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, परिजनों में नाराजगी
घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस किसी भी आरोपी की आधिकारिक गिरफ्तारी की घोषणा नहीं कर सकी है। हालांकि सूत्रों के अनुसार दो संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन पुलिस विभाग की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इस स्थिति को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
पत्रकार का अपहरण, मारपीट और लूट का आरोप
घटना के दौरान मौजूद युवा पत्रकार अरविंद राठौर और उनके साथी साहिल निर्मलकर ने कथित रूप से आरोपियों का पीछा किया था। आरोप है कि इसके बाद अरविंद राठौर का अपहरण कर लिया गया और उन्हें बलगी क्षेत्र में ले जाकर 25 से 30 लोगों ने बेरहमी से पीटा।
पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने पिस्टलनुमा हथियार उनकी कनपटी पर रखकर दो राउंड हवाई फायरिंग की तथा उनके पास मौजूद करीब एक लाख रुपये नकद, आईफोन, सोने की अंगूठी और चैन लूटकर फरार हो गए।
जांच में नए सुराग, डीजल चोरी गिरोह पर शक
घटना के तीन दिन बाद संदिग्धों द्वारा उपयोग की गई बताई जा रही वेन्यू कार लावारिस हालत में बरामद हुई। वहीं पत्रकार का मोबाइल फोन भी बाद में बरामद कर पुलिस के सुपुर्द किया गया।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान डीजल चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह की संलिप्तता की आशंका सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि संदिग्धों के तार बांकीमोंगरा, कुसमुंडा, गेवरा और दीपका क्षेत्र से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी नेटवर्क और साइबर टीम की उपलब्धता के बावजूद पुलिस अब तक मुख्य आरोपियों तक क्यों नहीं पहुंच सकी है। वहीं एक पुलिस अधिकारी के पुत्र की मौत के बाद भी कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर आमजन के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि कहीं मामले को दबाने या लीपापोती करने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पूरे जिले की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। चंद्रमणि रात्रे की मौत के बाद अब परिजन और आमजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

