(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
कोरबा जिले की बालको पुलिस ने पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन बेरोजगार युवक-युवतियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले राजनांदगांव में पदस्थ एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने करीब दो वर्ष पहले आरक्षक भर्ती में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर तीन लोगों से 3 लाख रुपये से अधिक की रकम वसूली थी। लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस नहीं करने पर पीड़ितों ने बालको थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, रजगामार चौकी अंतर्गत ग्राम कोरकोमा निवासी डीगंबर प्रसाद कंवर, जो जिला पुलिस राजनांदगांव में आरक्षक के पद पर पदस्थ था, वर्ष 2024 में अपने गांव आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात गांव के ही नरेंद्र पटेल से हुई। नरेंद्र पुलिस विभाग में नौकरी करना चाहता था। इस बात का फायदा उठाते हुए डीगंबर ने विभागीय अधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा करते हुए नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और इसके एवज में रकम की मांग की।
बताया गया कि नरेंद्र पटेल से आरक्षक पद पर भर्ती कराने के नाम पर 3 लाख 50 हजार रुपये का सौदा तय हुआ, जिसमें से नरेंद्र ने 1 लाख 25 हजार रुपये नगद एवं ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसी तरह मातमार निवासी गणेशी राठिया तथा केराकछार निवासी उमाशंकर राठिया से भी आरोपी ने कुल 2 लाख 50 हजार रुपये वसूल लिए। आरोप है कि रकम अपने चचेरे भाई खेमलाल कंवर के बैंक खाते में जमा करवाई गई थी।
पीड़ितों को विश्वास था कि उनकी नौकरी जल्द लग जाएगी, लेकिन समय बीतने के बावजूद कोई नियुक्ति नहीं हुई। जब उन्होंने जानकारी लेनी शुरू की तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। संदेह होने पर पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा।
सोमवार को नरेंद्र पटेल और गणेशी राठिया ने बालको थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी युवराज तिवारी के निर्देशन में अपराध दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आरोपी को उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर लेन-देन में प्रयुक्त बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आरक्षक पहले से ही किसी अन्य मामले में निलंबित चल रहा था।
जानकारी के अनुसार, पीड़ितों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने पर आरोपी ने अप्रैल 2026 में एक पीड़ित को 25 हजार रुपये वापस भी किए थे। उसने तीनों पीड़ितों को 50 रुपये के स्टांप पेपर पर पूरी रकम लौटाने का लिखित आश्वासन भी दिया था, लेकिन शेष राशि वापस नहीं की।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, रकम के लेन-देन में उपयोग किए गए बैंक खाते और आरोपी के चचेरे भाई की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
प्रमुख बिंदु
- नौकरी दिलाने के नाम पर तीन युवाओं से लाखों की वसूली।
- राजनांदगांव में पदस्थ आरक्षक डीगंबर प्रसाद कंवर गिरफ्तार।
- रकम चचेरे भाई के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गई।
- दो साल तक नौकरी नहीं मिली, वापस नहीं किए पैसे।
- बालको पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा।
- मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच जारी।

