ads 90x728

Ads-Google

कोरबा में बैटरी स्क्रैप का अवैध परिवहन पकड़ा गया, कार्रवाई पर उठे सवाल; जप्ती और एफआईआर की बजाय अनुमति लाने का मौका देने की चर्चा


(CG ई खबर |प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल )

राजस्थान जा रही बैटरी स्क्रैप से भरी ट्रक पकड़ी गई, छत्तीसगढ़ पर्यावरण मंडल की अनुमति नहीं मिली; कार्रवाई को लेकर संदेह गहराया

कोरबा। जिले में लंबे समय से चल रहे बैटरी स्क्रैप के कथित अवैध कारोबार का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को सूचना के आधार पर क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने डीडीएम स्कूल मार्ग स्थित हरिमंगलम के पास छापामार कार्रवाई करते हुए राजस्थान पासिंग की ट्रक क्रमांक RJ06GD8524 को पकड़ा। वाहन में बड़ी मात्रा में बैटरी स्क्रैप लोड पाया गया।

जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी श्री प्रसन्ना के निर्देश पर की गई कार्रवाई के दौरान वाहन चालक से बैटरी स्क्रैप के परिवहन संबंधी आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से जारी कोई वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। चालक के पास राजस्थान पर्यावरण विभाग से जारी अनुमति तो मिली, किंतु छत्तीसगढ़ में स्क्रैप लोडिंग और परिवहन के लिए आवश्यक स्वीकृति उपलब्ध नहीं थी।

विशेषज्ञों के अनुसार बैटरी स्क्रैप के परिवहन के लिए उस राज्य से अनुमति आवश्यक होती है जहां से सामग्री लोड की जाती है तथा उस राज्य से भी जहां इसे भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोरबा से लंबे समय से बैटरी स्क्रैप का परिवहन प्रदेश की सीमा के बाहर किया जा रहा है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई पहली बार सामने आई है।


पर्यावरण विभाग ने माना गैरकानूनी परिवहन

क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी श्री प्रसन्ना ने बताया कि पकड़े गए वाहन के पास छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से जारी कोई वैध अनुमति नहीं पाई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति बैटरी स्क्रैप का परिवहन नियमों के विरुद्ध है।

बिना अनुमति खरीदी-बिक्री भी अवैध

जानकारों का कहना है कि बैटरियों में मौजूद सीसा (लेड) और अम्लीय तत्व पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं। इसलिए इनके भंडारण, खरीदी-बिक्री, परिवहन और रिसाइक्लिंग के लिए निर्धारित पर्यावरणीय मानकों एवं अनुमति का पालन अनिवार्य है। नियमों के अनुसार ऐसे स्क्रैप का परिवहन बंद वाहनों में किया जाना चाहिए।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जिले में कुछ कारोबारी लंबे समय से बैटरी स्क्रैप के कारोबार में सक्रिय हैं और हर सप्ताह बड़ी मात्रा में स्क्रैप प्रदेश से बाहर भेजा जाता है। इसमें चोरी की बैटरियों के शामिल होने की आशंका भी जताई जा रही है।

पुलिस को सौंपा गया वाहन

कार्रवाई के बाद पर्यावरण विभाग ने सीएसईबी पुलिस चौकी को सूचना दी। चौकी प्रभारी एसआई राजेश तिवारी के अनुसार वाहन को फिलहाल हरिमंगलम क्षेत्र में ही खड़ा कराया गया है क्योंकि चौकी परिसर में उसे रखना संभव नहीं था। पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर वाहन को पुलिस की निगरानी में रखा गया है।


कार्रवाई पर उठे सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अब तक वाहन को सील करने, स्क्रैप जब्त करने, जुर्माना लगाने अथवा एफआईआर दर्ज करने जैसी वैधानिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार संबंधित पक्ष को आवश्यक अनुमति प्रस्तुत करने के लिए समय दिए जाने की चर्चा है।

इसी को लेकर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि बिना अनुमति बैटरी स्क्रैप का परिवहन किया जा रहा था तो नियमों के तहत कठोर कार्रवाई होना चाहिए। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि यदि बाद में अनुमति प्राप्त करने का अवसर दिया जाता है तो इससे अवैध कार्य को वैध बनाने का संदेश जा सकता है।

फिलहाल पूरे मामले में पर्यावरण विभाग और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

(नोट: समाचार में व्यक्त कुछ आरोप, आशंकाएं और चर्चाएं स्थानीय सूत्रों एवं जानकारों के हवाले से हैं। इनके संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads

ads