भरतपुर। बयाना नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) अनीता कुशवाह और क्षेत्रीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने ईओ अनीता कुशवाह को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, एक बैठक के दौरान विधायक डॉ. ऋतु बनावत और ईओ अनीता कुशवाह के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद हो गया। वायरल वीडियो में विधायक अधिकारी को समझाने का प्रयास करती दिखाई दे रही हैं, लेकिन बातचीत के दौरान दोनों के बीच बहस बढ़ जाती है। वीडियो में विधायक को बार-बार यह कहते हुए सुना जा सकता है कि सरकारी सेवा में रहते हुए अधिकारियों को प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए और बदतमीजी नहीं करनी चाहिए। माहौल तनावपूर्ण होते देख बैठक में मौजूद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।
टेंडर प्रक्रिया को लेकर पहले से था विवाद
बताया जा रहा है कि नगर पालिका बयाना में सफाई एवं अन्य कार्यों की निविदा प्रक्रिया को लेकर विधायक और नगर पालिका प्रशासन के बीच पहले से मतभेद चल रहे थे। विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया था कि कई टेंडर नियमों की अनदेखी कर जारी किए गए तथा कुछ निविदाओं का संचालन इस प्रकार किया गया जिससे एक विशेष फर्म को लाभ पहुंच सके।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और संबंधित अधिकारियों ने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई थी।
सफाई व्यवस्था पर भी उठाए थे सवाल
विधायक ने अपने पत्र में नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे। उनके अनुसार कस्बे में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके बावजूद संबंधित एजेंसी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही थी।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की विभागीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा
विधायक और महिला अधिकारी के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, ईओ अनीता कुशवाह के निलंबन के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। अब सभी की नजर विभागीय जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

