बिलासपुर, 06 जून 2026। NEET पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में हुए NSUI के विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से कानून-व्यवस्था भंग होने के मामले में कांग्रेस और NSUI के कई प्रमुख नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस द्वारा दर्ज मामले में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह, लक्की मिश्रा समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। आरोपियों पर बलवा, अवैध रूप से मार्ग अवरुद्ध करने तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार 3 जून को NEET पेपर लीक प्रकरण को लेकर NSUI ने केंद्रीय राज्य मंत्री के निवास का घेराव किया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पहले से भारी पुलिस बल तैनात किया था। धरना समाप्त होने के बाद कुछ प्रदर्शनकारी केंद्रीय मंत्री के बंगले से निकलकर कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
पुलिस का कहना है कि भीड़ को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे और पुलिस तथा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आने की भी सूचना है।
एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल के अनुसार, मामले की जांच के बाद बलवा और मार्ग अवरोध से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई है तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने पुलिस पर अभद्र व्यवहार और उनके कपड़े फाड़ने का गंभीर आरोप लगाया था। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया और केवल भीड़ नियंत्रण की कार्रवाई की गई थी।
इधर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक देवेंद्र यादव के स्वयं अपना कुर्ता फाड़ने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सत्यता की जांच नहीं हो सकी है। इसके बावजूद वीडियो के वायरल होने से मामला राजनीतिक रूप से और अधिक गरमा गया है।
FIR दर्ज होने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। मामले में आगे और भी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

