CG ई खबर | राष्ट्रीय डेस्क
नई दिल्ली, 7 जून 2026। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले और सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET-UG 2026 पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया में सामने आई समस्याओं के लिए शिक्षा मंत्रालय जिम्मेदार है। दीपके ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उनका विरोध केवल NEET या CBSE से जुड़े विवादों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को लेकर है। वांगचुक ने कहा कि उन्होंने पिछले चार दशकों से दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया है, लेकिन अपेक्षित बदलाव नहीं होने से वे निराश हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी, जो बाद में युवाओं से जुड़े एक संगठित आंदोलन में परिवर्तित हो गई। संगठन का नारा है— “युवाओं के लिए, युवाओं द्वारा और युवाओं का राजनीतिक मंच।” CJP का दावा है कि उसे सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन प्राप्त है।
संगठन ने अपने विस्तार के लिए कई प्रवक्ताओं की नियुक्ति की है, जिनमें खोजी पत्रकार सौरव दास, राजनीतिक शोधकर्ता एवं फिल्म निर्माता विजेता दहिया तथा पूर्व प्रबंधन सलाहकार आशुतोष रांका शामिल हैं।
कौन हैं अभिजीत दीपके?
30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के निवासी हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। हाल ही में उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2020 से 2023 के बीच वे आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया और चुनावी अभियानों से भी जुड़े रहे हैं।
फिलहाल, NEET-UG 2026 और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में बहस तेज है। जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


