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40 साल बाद बनी नाली पहली ही बारिश में ध्वस्त, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल


(CG ई खबर |कोरबा जिला रिपोर्टर : नारायण चंद्राकर)

दर्री/कोरबा। जल संसाधन विभाग दर्री के आवासीय परिसर में करीब 40 वर्षों बाद कराए गए नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। रहवासियों के अनुसार नव-निर्मित नालियां कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनमें दरारें पड़ गई हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा विभागीय निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह निर्माण कार्य सिविल ठेकेदार माधव डहरिया द्वारा जल संसाधन विभाग के एसडीओ पी.के. टोप्पो की निगरानी में कराया गया था। आवासीय परिसर में व्यापक स्तर पर नाली निर्माण कराया गया, लेकिन पहली ही बारिश में कई स्थानों पर नालियां टूटने और दरारें आने से लोगों में भारी नाराजगी है।

रहवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने कई बार गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की थी, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि जब भी गुणवत्ता मानकों को लेकर सवाल उठाए गए, तो यह कहकर मामला टाल दिया गया कि यह संबंधित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है।


स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया। इसके कारण लोगों को यह जानकारी नहीं मिल सकी कि नाली निर्माण की स्वीकृत लागत कितनी है, कार्य की अवधि क्या है और किस मद से राशि स्वीकृत की गई है। सरकारी निर्माण कार्य से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने पर भी लोगों ने आपत्ति जताई है।

कॉलोनीवासियों का कहना है कि सरकारी धन से कराए जाने वाले विकास कार्यों में लगातार गुणवत्ता की अनदेखी सामने आ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सरकारी राशि के दुरुपयोग की जांच कराने की मांग की है।

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