नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को जल्द ही रिचार्ज महंगा होने का सामना करना पड़ सकता है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, निजी टेलीकॉम कंपनियां , और (Vi) अगले तीन से चार महीनों में अपने मोबाइल रिचार्ज टैरिफ में 12% से 15% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं।
सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही की टेलीकॉम और इंटरनेट सेक्टर प्रीव्यू रिपोर्ट के मुताबिक, टैरिफ बढ़ोतरी की प्रमुख वजह कंपनियों की बढ़ती आय, 2G से 4G और 5G नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ते ग्राहक तथा पोस्टपेड यूजर्स की संख्या में इजाफा है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि जून तिमाही में तीनों निजी टेलीकॉम कंपनियों के एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में तिमाही-दर-तिमाही 1 से 1.5 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।
4G और 5G नेटवर्क की बढ़ती मांग बनी बड़ी वजह
रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में 4G और 5G नेटवर्क का विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रति ग्राहक डेटा की खपत भी लगातार मजबूत बनी हुई है। अनुमान है कि रिलायंस जियो इस तिमाही में करीब 70 लाख नए ग्राहक जोड़ सकती है, जबकि भारती एयरटेल के 50 लाख नए ग्राहक जुड़ने की संभावना है। वहीं, Vodafone Idea के करीब 2 लाख नए ग्राहक जोड़ने का अनुमान लगाया गया है।
5G विस्तार पर कंपनियों का फोकस
रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस जियो और भारती एयरटेल देश के 90 प्रतिशत से अधिक जिलों में 5G सेवाएं शुरू कर चुकी हैं और अब उनका ध्यान अधिक से अधिक 5G डिवाइस तथा फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों को जोड़ने पर है।
वहीं, Vodafone Idea भी तेजी से अपना 5G नेटवर्क बढ़ा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की 5G सेवा अब लगभग 100 शहरों तक पहुंच चुकी है। साथ ही, कंपनी के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये में भी कमी आई है और भविष्य की देनदारियों के वर्तमान मूल्य के आधार पर AGR बकाया घटकर लगभग 25,000 करोड़ रुपये रह गया है।
यदि यह प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है, तो आने वाले महीनों में देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को अपने रिचार्ज पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ सकता है।


