कोरबा। कोरबा जिले में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की सख्ती के बावजूद अवैध कबाड़ कारोबार एक बार फिर तेजी से पनपता नजर आ रहा है। शहर से लेकर कोयलांचल और वनांचल क्षेत्रों तक संगठित तरीके से अवैध कबाड़ का नेटवर्क सक्रिय होने की चर्चा है। आरोप है कि सरकारी और निजी संपत्तियों की चोरी कर कीमती सामान चंद रुपयों में कबाड़ियों को बेचा जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के साथ सरकारी संस्थान भी परेशान हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व में पुलिस द्वारा अवैध कबाड़ियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाए जाने के बाद कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद थी, लेकिन हालात फिर पहले जैसे होते दिखाई दे रहे हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित कई कबाड़ अड्डों पर चोरी का सामान खपाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की कीमत वाले सामान चोरी कर मामूली रकम में कबाड़ियों के पास बेच दिए जाते हैं। ऐसे में चोरी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही यह भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना प्रभावी निगरानी के यह कारोबार कैसे संचालित हो रहा है। अवैध कबाड़ दुकानों के लाइसेंस और वैधानिक स्थिति की जांच भी लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी बताई जा रही है।
इधर, हाल के दिनों में चोरी से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुराकछार खदान में सुरक्षा गार्डों पर हमला
सुराकछार 3/4 घुड़देवा खदान में चोरी की नीयत से घुसे अज्ञात लोगों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों पर हमला कर दिया। सुरक्षा प्रभारी की रिपोर्ट के अनुसार, 26-27 जून की रात करीब 2:30 बजे सुरक्षा गार्डों ने संदिग्ध लोगों को रोकने का प्रयास किया, जिस पर आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए दो सुरक्षा कर्मियों से मारपीट की। घायल सुरक्षा कर्मियों को एसईसीएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बांकीमोंगरा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीएसएनएल के 4-जी टॉवर को भी बनाया निशाना
लेमरू थाना क्षेत्र के ग्राम अरेतरा स्थित बीएसएनएल के 4-जी सैचुरेशन प्रोजेक्ट टॉवर से भी चोरों ने महत्वपूर्ण केबल चोरी कर ली। तकनीशियन की शिकायत के अनुसार बैटरी, अर्थिंग और सोलर केबल सहित लगभग 15 हजार रुपये का सामान चोरी हुआ है। घटना के बाद लेमरू थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी के बीच संभावित संबंधों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की निगाहें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि अवैध कबाड़ कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


