कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरकीखुर्द में स्कूल भर्ती प्रक्रिया और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्राम पंचायत की उपसरपंच एवं स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती कमलेश्वरी दिव्या ने शासकीय विद्यालयों के प्रधान पाठकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, सिरकीखुर्द के शासकीय कन्या आश्रम एवं माध्यमिक शाला गांधीनगर में DMF मद से भृत्य (चपरासी) पद पर भर्ती की जानी थी। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया की जानकारी जानबूझकर सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे गांव के कई योग्य एवं जरूरतमंद अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित रह गए।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
उपसरपंच का आरोप है कि भर्ती संबंधी सूचना न तो समय पर मुनादी कराई गई और न ही नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई। अंतिम तिथि निकलने के बाद जानकारी सामने आने पर आनन-फानन में मुनादी कराई गई, लेकिन तब तक आवेदन की समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ आवेदनों की प्रक्रिया संबंधित व्यक्तियों की उपस्थिति के बिना आगे बढ़ाई गई।
मध्यान्ह भोजन में जातिगत भेदभाव का आरोप
शिकायत में पूर्व माध्यमिक शाला सिरकीखुर्द की मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि अनुसूचित जाति (सतनामी समाज) की एक महिला रसोइया को जातिगत मानसिकता के कारण कार्य से हटा दिया गया। साथ ही संबंधित प्रधान पाठक पर मामले में निष्पक्षता नहीं बरतने और शिकायतों पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया गया है।
SMC बैठक में अभद्र व्यवहार का भी आरोप
30 जून 2026 को आयोजित स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की बैठक को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि वास्तविक अध्यक्ष की अनुपस्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को अध्यक्ष बना दिया गया। बैठक के दौरान जब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भर्ती प्रक्रिया, बच्चों की शिक्षा, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और ड्रेस वितरण से जुड़े सवाल पूछे, तो जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रश्न पूछने वाले व्यक्ति को बैठक से बाहर जाने के लिए कहा गया तथा उपसरपंच और अन्य महिलाओं के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार एवं अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।
कलेक्टर से की गई प्रमुख मांगें
श्रीमती कमलेश्वरी दिव्या ने जिला प्रशासन से मांग की है कि—
- भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रधान पाठकों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
- विवादित भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर पारदर्शी तरीके से दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएं तथा आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए।
- मध्यान्ह भोजन एवं स्कूल समितियों में सभी वर्गों (OBC, SC, ST एवं सामान्य) की महिलाओं को समान अवसर सुनिश्चित किया जाए।
वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा
शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरे मामले से संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें आवश्यक होने पर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाएगा।
फिलहाल इस मामले में संबंधित प्रधान पाठकों या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।




