ads 90x728

कोरबा में देश का पहला ‘घर प्लस सौर’ मॉडल लागू, आठ पहाड़ी कोरवा परिवार हुए लाभान्वित


(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य ने जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए देश का पहला ‘घर प्लस सौर’ मॉडल लागू किया है। इस अभिनव योजना के तहत विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह (PVTG) में शामिल पहाड़ी कोरवा परिवारों को पक्का आवास देने के साथ-साथ लगभग मुफ्त बिजली की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

यह पायलट परियोजना कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत गुदुरुमुड़ा गांव में शुरू की गई है, जहां आठ पहाड़ी कोरवा परिवारों के नव निर्मित प्रधानमंत्री जनमन आवासों की छतों पर एक-एक किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अनुसार, यह देश में पहली बार है जब पीएम जनमन आवास योजना और पीएम सूर्य घर योजना को औपचारिक रूप से जोड़कर PVTG परिवारों के लिए एक समग्र और स्थायी समाधान प्रस्तुत किया गया है।
CSPDCL के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह ने बताया कि इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन मिशन और जिला खनिज निधि (DMF) के संसाधनों का सफल अभिसरण किया गया है।

एक किलोवाट के सोलर प्लांट की अनुमानित लागत 60 हजार रुपये है। इसमें से लगभग 45 हजार रुपये केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी के रूप में प्रदान किए गए, जबकि शेष 15 हजार रुपये DMF फंड से वहन किए गए हैं। इस तरह लाभार्थियों पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं डाला गया

गांव के लाभार्थी मंगलू राम के पोते ने खुशी जताते हुए कहा,

“अब हमारी ज़िंदगी सोलर से चलेगी। पहले बिजली का बिल भरना मुश्किल था, अब यह समस्या खत्म हो गई।”

इस योजना को धरातल पर उतारने में ग्रामीणों को जागरूक करने और प्रेरित करने में क्षेत्रीय विद्युत कनिष्ठ यंत्री शब्बीर साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अधिकारियों के अनुसार, इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद कोरबा जिले के अन्य PVTG बहुल गांवों में और भविष्य में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में इस मॉडल को लागू करने की योजना है। इससे न केवल बिजली ग्रिड पर निर्भरता घटेगी, बल्कि आदिवासी परिवारों की मासिक बचत बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा।

गुदुरुमुड़ा गांव के इन आठ घरों की छतें अब सिर्फ बिजली का उत्पादन नहीं कर रहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की नई रोशनी भी फैला रही हैं। यह ‘घर प्लस सौर’ अभिसरण मॉडल देशभर की कल्याणकारी योजनाओं के लिए एक नया बेंचमार्क साबित हो सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads

ads