
(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय कुमार चौहान)

छत्तीसगढ़ / कोरबा : एसईसीएल गेवरा ओपन कास्ट परियोजना से प्रभावित ग्रामों के स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिए जाने की मांग को लेकर 12 फरवरी 2026, गुरुवार से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण हड़ताल का ऐलान किया गया है। यह हड़ताल पत्रकार अधिकार परिषद एवं इकाई छत्तीसगढ़िया शौर्य सेना के नेतृत्व में गेवरा परियोजना क्षेत्र में आयोजित की जाएगी।
खनन से दुष्प्रभाव, रोजगार से वंचित स्थानीय
आंदोलनकारियों का कहना है कि गेवरा परियोजना के ओपन कास्ट खनन से आसपास के गांवों में हवा और जल प्रदूषण, ब्लास्टिंग से मकानों में दरार, खेती और पशुधन को नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं और विस्थापन जैसे गंभीर दुष्प्रभाव सामने आए हैं। इसके बावजूद खनन-प्रभावित ग्रामों के योग्य स्थानीय युवक रोजगार से वंचित हैं।
ठेका कंपनियों में बाहरी श्रमिकों की भरमार
प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश पटेल ने बताया कि एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट के अंतर्गत निजी ठेका कंपनियां PNC एवं देव माइनिंग द्वारा मिट्टी व कोयला खनन का कार्य कराया जा रहा है, जहां लोडर ऑपरेटर, ड्राइवर, सुपरवाइजर, हेल्पर सहित कई पदों पर बड़ी संख्या में कार्य संचालित है। बावजूद इसके स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता नहीं दी जा रही।
पूर्व में भी दी जा चुकी है लिखित सूचना
आंदोलनकारियों के अनुसार, इस संबंध में पूर्व में भी प्रबंधन को लिखित रूप से मांग पत्र सौंपा गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते मजबूरन शांतिपूर्ण हड़ताल/धरना का रास्ता अपनाया जा रहा है।
सीजीएम एसईसीएल को दी गई हड़ताल सूचना
इस संबंध में मुख्य महाप्रबंधक (CGM), एसईसीएल कार्यालय गेवरा प्रोजेक्ट, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) को विधिवत सूचना दी गई है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो हड़ताल जारी रहेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन की होगी।
आंदोलन शांतिपूर्ण, पर मांगें अडिग
पत्रकार अधिकार परिषद ने उम्मीद जताई है कि प्रबंधन स्थिति की गंभीरता को समझते हुए खनन-प्रभावित ग्रामों के स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का निर्णय लेगा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।










