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कोरबा वनमंडल में दहशत का पर्याय बने हाथी 8 हाथियों के झुंड ने किसानों की फसल रौंदी


(CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर : सरस्वती मरकाम)

छत्तीसगढ़ | कोरबा कोरबा वनमंडल क्षेत्र में हाथियों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। वन मंडल में कुल 27 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है, जिससे किसानों की फसलें लगातार नुकसान का शिकार हो रही हैं।

पसरखेत रेंज में घूम रहे 14 हाथियों के झुंड ने गुरुवार रात मदनपुर और छिंदकोना गांव में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने 8 किसानों की धान, मटर और सब्जी की फसल को रौंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। बताया जा रहा है कि इस झुंड में 5 शावक (बच्चे) भी शामिल हैं, जिससे झुंड की गतिविधियां और अधिक अनियंत्रित हो गई हैं। हाथियों ने विशेष रूप से अंकुरित धान को भारी नुकसान पहुंचाया, वहीं बाड़ियों में घुसकर मटर व सब्जियों की फसल नष्ट कर दी।

इधर, धरमजयगढ़ वनमंडल से एक दंतैल हाथी पुनः कुदमुरा रेंज के गीतकुंवारी क्षेत्र में पहुंच गया है, जिससे आसपास के गांवों में भय का माहौल है। वहीं करतला रेंज के चिकनीपाली में 11 हाथियों का झुंड और कोटमेर क्षेत्र में एक दंतैल हाथी अकेले विचरण कर रहा है। हाथियों के लबेद होकर सक्ती रेंज की ओर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया है। वन विभाग के अनुसार, दंतैल हाथी सबसे अधिक खतरनाक होते हैं, जो शाम होते ही भोजन की तलाश में गांवों के नजदीक पहुंच जाते हैं।

वन विभाग की अलग-अलग टीमें लगातार हाथियों की निगरानी कर रही हैं और प्रभावित किसानों की फसलों का नुकसान आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे रात के समय खेतों और जंगल की ओर न जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

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