कोरिया (CG ई खबर) छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए (ACB) ने रिश्वतखोरी के मामले में दो पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी केस रफा-दफा करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। पीड़ित की शिकायत पर एसीबी की टीम ने 25 हजार रुपये लेते हुए एक उप निरीक्षक को धर दबोचा।
यह मामला का है। पकड़े गए अधिकारियों में उप निरीक्षक (SI) अब्दुल मुनाफ और सहायक उप निरीक्षक (ASI) गुरू प्रसाद यादव शामिल हैं।
मामला क्या है?
शिकायतकर्ता सत्येन्द्र कुमार प्रजापति के घर निर्माण हेतु ईंट बनाने का कार्य मजदूर मोहित घसिया द्वारा कराया जा रहा था। इस दौरान खोदे गए गड्ढे में पानी भर जाने से मजदूर मोहित घसिया के बेटे की डूबने से मृत्यु हो गई। इस घटना की जांच पुलिस चौकी बचरापोड़ी में ASI गुरू प्रसाद यादव द्वारा की जा रही थी।
रिश्वत की मांग और जाल
- 21 फरवरी को प्रार्थी को आपराधिक प्रकरण से बचाने और केस रफा-दफा करने के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई।
- शिकायत के सत्यापन में 22 फरवरी को 25,000 रुपये लेने पर सहमति बनी।
- इसके बाद ASI गुरू प्रसाद यादव का स्थानांतरण होने पर चौकी प्रभारी SI अब्दुल मुनाफ ने 24 फरवरी को चौकी बुलाकर रिश्वत की रकम मंगाई।
रंगे हाथ गिरफ्तारी
से आई एसीबी टीम ने SI अब्दुल मुनाफ को 25,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। वहीं, रिश्वत मांगने के आरोप में ASI गुरू प्रसाद यादव को भी गिरफ्तार किया गया है।
कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 7 व 12, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी की इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है और पुलिस महकमे में जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।











