(CG ई खबर – जिला संवाददाता : नारायण चंद्राकर)
छत्तीसगढ़ | कोरबा शहर के अशोक वाटिका स्टेडियम रोड पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़ी कोयले से लदी एक ट्रेलर में अचानक आग लग गई। पहले कोयले के ढेर से हल्का धुआं उठता नजर आया, लेकिन कुछ ही पलों में धुआं तेज लपटों में तब्दील हो गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उक्त ट्रेलर कई घंटों से सड़क किनारे खड़ी थी। शुरुआत में किसी को कोई संदेह नहीं हुआ, लेकिन अचानक कोयले के ढेर से धुआं उठता दिखा। देखते ही देखते आग भड़क उठी और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों ने सतर्कता बरतते हुए सुरक्षित दूरी बना ली।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
घटना की सबसे चिंताजनक बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक मौके पर न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा और न ही दमकल या संबंधित विभाग का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि नजर आया। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि आग ने विकराल रूप ले लिया होता, तो स्टेडियम रोड से गुजरने वाले वाहनों और आसपास की दुकानों को भारी नुकसान हो सकता था।
निगरानी व्यवस्था पर सवाल
अब सवाल यह उठ रहा है कि सड़क किनारे कई घंटों से खड़ी कोयले से लदी ट्रेलर की निगरानी क्यों नहीं की गई। क्या यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही थी? स्थानीय नागरिकों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।











