(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता: पिंकी महंत)
कोरबा, 23 फरवरी 2026। कटघोरा वनमंडल के पसरोत क्षेत्र में जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं पर रोक लगाने और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। ग्राम कोलगा (देवगुड़ी चौरा) में आयोजित इस कार्यशाला में ग्रामीणों को वनाग्नि से बचाव, नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई।
सीख और सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय
कार्यशाला की शुरुआत वन प्रबंधन समिति कोलगा के अध्यक्ष नंदलाल राठिया ने की। विशेषज्ञों ने बताया कि गर्मी के मौसम में महुआ बीनने एवं तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान लापरवाही से लगाई गई छोटी आग किस तरह भयावह वनाग्नि में बदल जाती है।
ग्रामीणों को जंगल में जलती बीड़ी-सिगरेट न फेंकने, सूखी पत्तियों को न जलाने और सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी गई।
प्रतिभागियों को फायर लाइन बनाने, कंट्रोल बर्निंग (नियंत्रित आग) जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय पर सूचना मिलने से आग को प्रारंभिक अवस्था में ही काबू किया जा सकता है, जिससे बहुमूल्य वन संपदा और जैव विविधता सुरक्षित रहती है।
वन्य प्राणियों की सुरक्षा और कानूनी जानकारी
कार्यशाला में वन्य प्राणियों के व्यवहार और उनकी सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा हुई। सरल भाषा और रोचक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि वनाग्नि से जानवरों के प्राकृतिक आवास नष्ट होते हैं और वे विस्थापित होकर मानव बस्तियों की ओर आ जाते हैं।
साथ ही, ग्रामीणों को कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया कि जानबूझकर जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माना और कारावास का प्रावधान है।
सामुदायिक सहभागिता और संकल्प
कार्यक्रम में समाज प्रमुख टिकेश्वर सिंह राठिया, जनपद सदस्य महेंद्र राठिया, सरपंच संतराम राठिया, तथा नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के संस्थापक एम. सूरज सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वन परिक्षेत्र पसरखेत के कर्मचारियों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यशाला के अंत में ग्रामीणों एवं छात्रों ने वन संरक्षण की शपथ ली और संकल्प जताया कि वे आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को देंगे तथा अपने आसपास के जंगलों की रक्षा में सक्रिय सहयोग करेंगे।











