(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता: पिंकी महंत)
रायपुर/छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री आज, 24 फरवरी 2026 को में साय सरकार का तीसरा बजट पेश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह बजट विकास और जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं और बड़ी घोषणाओं के साथ आएगा। बजट सत्र के दूसरे दिन प्रस्तुत होने वाले इस बजट में महतारी वंदन योजना, रायपुर मेट्रो सिटी, जल बोर्ड का गठन, ‘जी राम जी’ योजना और नक्सल पुनर्वास जैसे अहम विषयों पर ठोस फैसलों की उम्मीद है।
नई थीम और दीर्घकालिक विजन
वित्त मंत्री ओपी चौधरी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यह बजट ‘विकसित छत्तीसगढ़ विजन–2047’ को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पिछले बजट की तरह इस बार भी बजट नई थीम के साथ पेश होगा। सरकार का फोकस गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और औद्योगिक विकास पर रहेगा, वहीं महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीब वर्ग के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बजट में संभावित बड़े ऐलान
● महतारी वंदन योजना
सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। बजट में इसके दायरे के विस्तार और सहायता राशि बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व में वित्त मंत्री ने दावा किया था कि सरकार हर साल माता-बहनों के खातों में करीब 8,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर रही है।
● रायपुर मेट्रो सिटी
राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आबादी व यातायात दबाव को देखते हुए ‘रायपुर मेट्रो सिटी’ परियोजना की घोषणा संभव है। इससे शहरी परिवहन को मजबूती मिलेगी और राजधानी को आधुनिक पहचान मिलेगी। परियोजना के लिए प्रारंभिक बजटीय प्रावधान किए जा सकते हैं।
● जल बोर्ड का गठन
प्रदेश में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए अलग जल बोर्ड के गठन की घोषणा संभव है। इससे जल संरक्षण और वितरण व्यवस्था को संस्थागत मजबूती मिलने की उम्मीद है।
● ‘जी राम जी’ योजना
धार्मिक पर्यटन और आस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ‘जी राम जी’ योजना शुरू कर सकती है। इसके तहत राम वन गमन पथ से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
● नक्सल पुनर्वास पर ठोस कदम
बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास के लिए नक्सलियों के पुनर्वास की ठोस योजना पेश की जा सकती है। मुख्यधारा में लौटने वालों को रोजगार, शिक्षा और आवास जैसी सुविधाएं देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान की संभावना है।
आर्थिक सर्वेक्षण में दिखी मजबूती
बजट से एक दिन पहले, 23 फरवरी को पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 में राज्य की अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेत मिले हैं। सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2025–26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़कर 6.31 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो 11.57% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। कृषि, उद्योग और सेवा—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान सामने आए हैं।
इन सबके बीच, आज पेश होने वाला यह बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्योग जगत की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरता है, यह देखना अहम होगा। वहीं विपक्षी कांग्रेस ने पहले से ही बजट को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।











