(CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर : सरस्वती मरकाम)
छत्तीसगढ़ | कोरबा शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, सड़क हादसों को कम करने और अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा वेंडिंग जोन की योजना लागू की गई थी। इस योजना की शुरुआत पिछले वर्ष कोसाबाड़ी क्षेत्र से की गई, जहां लगभग 19 लाख 65 हजार रुपये की लागत से वेंडिंग जोन बनाकर ठेले-गुमटी संचालकों को शिफ्ट किया गया था।
अब नगर निगम की ओर से बुधवारी बाजार में नया वेंडिंग जोन तैयार किया जा रहा है। लेकिन वेंडिंग जोन योजना लागू होने के बावजूद शहर के मुख्य मार्गों पर सड़कों के किनारे ठेले-गुमटी और अस्थायी दुकानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
बुधवारी बाजार से घंटाघर होते हुए सुभाष चौक तक का पूरा इलाका अतिक्रमण जोन में तब्दील हो चुका है। सड़क के दोनों ओर फल-सब्जी, नाश्ता और अन्य दुकानों के कारण आवागमन बाधित हो रहा है।
कोसाबाड़ी वेंडिंग जोन बनने के बाद लगभग ढाई माह पूर्व फल-सब्जी और नाश्ते की दुकानों को वहां शिफ्ट किया गया था, लेकिन अब एक बार फिर सड़क पर ही दुकानें लगने लगी हैं। घंटाघर क्षेत्र के चारों ओर अतिक्रमण फैला हुआ है और फुटपाथ पर भी ठेले-गुमटी वालों का कब्जा बना हुआ है।
अतिक्रमण का सीधा असर शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। निहारिका से घंटाघर तक सड़क किनारे लगने वाले नाश्ते के ठेलों के कारण जाम की स्थिति बनने लगी है। इसी समस्या को देखते हुए करीब एक दशक पहले घंटाघर मैदान में अस्थायी चौपाटी बनाकर दुकानों को शिफ्ट किया गया था। बाद में स्मृति उद्यान के पीछे स्थायी चौपाटी भी बनाई गई, लेकिन इसके बावजूद सड़क किनारे चाय-नाश्ता के ठेले दोबारा लग गए हैं।
सड़क किनारे अधिक बिक्री के लालच में अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है। वहीं, कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत कोसाबाड़ी चौक के पास शॉपिंग कॉम्पलेक्स के सामने पार्किंग स्थल में भी ठेले-गुमटी लगाकर फल-सब्जी और अन्य सामग्री बेची जा रही है, जिससे पार्किंग व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर निगम और प्रशासन द्वारा सख्ती से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था और भी बदहाल हो सकती है।

