छत्तीसगढ़ | कोरबा (CG ई खबर) : छत्तीसगढ़ के में करोड़ों की ज्वेलरी लूटकांड के खुलासे के बाद सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट के आरोपी पहले जमीन विवाद के चलते भाजपा पार्षद बंधु मौर्य की हत्या के इरादे से उत्तर प्रदेश से शूटर बनकर आए थे। हत्या की सुपारी 25 लाख रुपये तय की गई थी, लेकिन हमला विफल होने पर आरोपियों ने शहर के महालक्ष्मी ज्वेलर्स में लूट की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल अध्यक्ष व नारियल व्यापारी राजू सोनकर ने स्थानीय हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास की मदद से यूपी से शूटर बुलवाए थे। घटना का खुलासा करते हुए ने बताया कि आरोपी हथौड़े से हमला कर जेवर लूटने की वारदात को अंजाम देने से पहले शहर के कई सराफा कारोबारियों की रेकी कर चुके थे।
शनिवार को चारों मुख्य आरोपियों को (उत्तर प्रदेश) से बिलासपुर लाया गया। अलग-अलग पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में स्थानीय युवकों के नेटवर्क, सुपारी लेकर भाजपा पार्षद की हत्या की साजिश और लूट की पूरी योजना का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने इस मामले में नारद श्रीवास समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सोना, नकदी और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए हैं।
हिस्ट्रीशीटर से जेल में हुई थी दोस्ती
लूटकांड का एक आरोपी विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति मध्यप्रदेश के अनूपपुर का निवासी है, जो गांजा तस्करी में भी लिप्त रहा है। बिलासपुर जेल में बंद रहने के दौरान उसकी पहचान हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और आगे चलकर यह आपराधिक साजिश का आधार बनी।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी अहम खुलासे संभव हैं और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।












