लापरवाही पर प्रशासन का सख़्त एक्शन
(पोडी उपरोड़ा ग्राम पंचायतें)
(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता: पिंकी महंत)
तारीख: 22 फरवरी 2026 कटघोरा। विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई की ग्राम पंचायतों में संचालित कार्यों की शिकायतों के बाद की गई है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि दोष सिद्ध होने पर ठेकेदार के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
क्यों जारी हुआ नोटिस?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायतों में स्कूल भवन, सामुदायिक भवन तथा मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में घटिया सामग्री, फर्जी बिलिंग और गुणवत्ता से समझौते की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर हुई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि—
- निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
- भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताएं पाई गईं।
- प्रशासनिक व तकनीकी निगरानी प्रभावी नहीं रही।
- रिकॉर्ड व दस्तावेज़ों में गड़बड़ी के संकेत मिले।
किन पर गिरी गाज?
- उपखंड अधिकारी (एसडीओ): समुचित प्रशासनिक निगरानी न रखने का आरोप।
- सहायक/जूनियर इंजीनियर: तकनीकी जांच में लापरवाही, गुणवत्ता परीक्षण में चूक।
- पंचायत सचिव: रिकॉर्ड में हेराफेरी, फर्जी भुगतान व गलत मापदंड।
- सरपंच: कार्यों की निगरानी में विफलता, अनियमितताओं में कथित मिलीभगत।
सभी से एक सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन रोक, निलंबन और पद से हटाने तक की कार्रवाई संभव है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
“विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
प्रशासन ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर जाकर गुणवत्ता व नुकसान का आकलन करेगी। दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तय है।
ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से कार्य अधूरे पड़े हैं और गुणवत्ता इतनी खराब है कि बारिश में दीवारें गिरने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने एफआईआर, आर्थिक हर्जाना और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आगे की कार्रवाई
मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है। समिति एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर अगला एक्शन तय होगा।
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