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पाली के जंगलों में शिकारी सक्रिय: फंदे में फंसा तेंदुआ, स्निफर डॉग की मदद से आरोपी गिरफ्तार


(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)

पाली के जंगलों में वन्यप्राणी सुरक्षित नहीं, हो रहे शिकार

कोरबा-पाली। कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत पाली परिक्षेत्र के जंगलों में वन्यप्राणियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पाली के लाफा परिसर में एक शिकारी द्वारा लगाए गए फंदे में तेंदुआ फंस गया। समय रहते वन विभाग को सूचना मिलने पर तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, जिससे उसकी जान बच सकी।

जानकारी के अनुसार, वन विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 09 फरवरी की शाम लगभग 07:30 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि लाफा परिसर के कक्ष क्रमांक पी-134 में सिंह द्वार के पास एक तेंदुआ फंदे में उलझा हुआ है। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र पाली के स्टाफ को तत्काल मौके पर भेजा गया और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया।

वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत के निर्देश पर कानन पेंडारी मिनी जू के अधिकारी डॉ. चंदन एवं उनकी रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई। टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर वन अधिकारियों के साथ मिलकर तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद बेहतर इलाज एवं देखभाल के लिए तेंदुए को कानन पेंडारी ले जाया गया।


 स्निफर डॉग ने बताया आरोपी का पता

तेंदुए को फंदे में फंसाने वाले शिकारी तक पहुंचने के लिए वन विभाग ने स्निफर डॉग की मदद ली। स्निफर डॉग ने घटनास्थल से सुराग जुटाकर नजदीकी गांव तक पहुंचकर आरोपी की पहचान कराई। डॉग की निशानदेही और पुख्ता सबूतों के आधार पर संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

आरोपी ने बताया कि उसने जंगली सूअर के शिकार के लिए फंदा लगाया था, लेकिन उसमें तेंदुआ कैसे फंस गया, इसकी जानकारी उसे भी नहीं थी।

स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़ा गया तेंदुआ

वन्यप्राणी चिकित्सक द्वारा तेंदुए को पूर्णतः स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के आदेश एवं वनमण्डलाधिकारी के निर्देशन में तेंदुए को उसके नैसर्गिक रहवास स्थल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।

वहीं दूसरी ओर, आरोपी विजय कुमार, पिता श्याम सिंह गोंड, उम्र 37 वर्ष, निवासी नगोईभांठा, थाना पाली को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पाली के आदेश पर उप जेल कटघोरा दाखिल कराया गया है।

रेस्क्यू में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

रेस्क्यू के दौरान घटनास्थल पर वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, कानन पेंडारी के अधिकारी डॉ. चंदन एवं रेस्क्यू टीम, उपवनमण्डलाधिकारी पाली हितेश कुमार ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी पाली योगेश्वर प्रसाद बंजारे, परिक्षेत्र सहायक पाली अजय कुमार कौशिक, परिसर रक्षक लाफा सहस दास महंत, वनरक्षक एवं वन परिक्षेत्र पाली के स्टाफ बाबूलाल उरावं, दीपक कुमार पटेल, सुरेश सिंह, राजेश कुमार धिरही, श्रीमती अनिता देवी कुंवर, श्रीमती राजकुमारी पैकरा सहित वन प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

👉 यह घटना पाली क्षेत्र के जंगलों में बढ़ते अवैध शिकार और वन्यप्राणियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।

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