(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता: पिंकी महंत)
कोरबा, 18 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ आदिवासी नेता सोमवार को कोरबा में जमीन विवाद को लेकर सड़क पर उतर आए। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के राताखार वार्ड में जमीन पट्टा प्रकरण को लेकर प्रशासन पर हाईकोर्ट की अवमानना और गरीब परिवारों के उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। उल्लेखनीय है कि यही वार्ड महापौर का निर्वाचन क्षेत्र है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नोटिस, बढ़ा जनआक्रोश
राताखार क्षेत्र में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कई गरीब परिवारों को भूमि पट्टा आवंटित किया गया था। लंबे समय से चले विवाद पर ने खसरा नंबर 74/1 का स्थल निरीक्षण और सीमांकन करने के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे।
इसके बावजूद कोरबा तहसीलदार द्वारा ग्रामीणों को कब्जा खाली करने के नोटिस जारी किए जाने से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है।
ननकीराम कंवर का आरोप: “न्यायालय की सीधी अवमानना”
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कहा कि प्रशासन न तो हाईकोर्ट के सीमांकन आदेशों का पालन कर रहा है और न ही पीड़ित परिवारों की बात सुन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व अधिकारियों और पटवारियों की मिलीभगत से बिना समुचित जांच के मनगढ़ंत दस्तावेज तैयार किए गए हैं, जिससे न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास हो रहा है।
“यह केवल जमीन का विवाद नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों की लड़ाई है। उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नोटिस चिपकाना न्यायालय की सीधी अवमानना है। दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए,” — ननकीराम कंवर
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ननकीराम कंवर ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र हस्तक्षेप कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ एवं राजस्व सचिव को पत्र लिखकर हाईकोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जा चुकी है।
फिलहाल राताखार इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पीड़ित परिवार ननकीराम कंवर के नेतृत्व में न्याय की मांग को लेकर एकजुट हैं।












