CG ई खबर डॉनेट

Ads-Google

SECL गेवरा प्रकरण में नया मोड़: कार्रवाई पर सवाल, क्या ठेका कंपनी स्वतंत्र नहीं?


(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)

छत्तीसगढ़ | कोरबा (SECL) के गेवरा क्षेत्र अंतर्गत कार्यरत ठेका कंपनी में ड्राइवर से मारपीट के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर दोषियों को निष्कासित करने पर सहमति बनने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई में देरी और प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

नियमानुसार स्थिति क्या है?
सूत्रों के अनुसार, श्रम एवं ठेका नियमों के तहत PNC इंफ्राटेक लिमिटेड स्वयं अपने कर्मचारियों/ठेकेदार स्टाफ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई (जैसे निलंबन/निष्कासन) करने के लिए सक्षम है। इसके बावजूद कंपनी द्वारा सीधे कार्रवाई न कर पहले SECL से मंजूरी मांगे जाने को लेकर कर्मचारियों में असमंजस है।

सबसे बड़ा सवाल—किसके इशारे पर?
कर्मचारियों और सूत्रों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या SECL के किसी अधिकारी (सीसीएल/क्षेत्रीय स्तर) ने मैनेजर अभय झा को लेकर PNC इंफ्राटेक को यह संदेश दिया है कि

“अभय झा को मेरे कहने पर ही काम पर रखा जाएगा और मेरे ही कहने पर हटाया जाएगा?”

यदि ऐसा है, तो यह ठेका कंपनी की स्वायत्तता और निष्पक्ष कार्रवाई पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।

हड़ताल खत्म कराने का दबाव?
ड्राइवर कर्मचारियों का कहना है कि निष्कासन की सहमति कागजी आश्वासन बनकर न रह जाए। आशंका यह भी जताई जा रही है कि हड़ताल वापस कराने के उद्देश्य से प्रक्रिया को लंबा खींचा जा रहा है, जबकि तत्काल प्रभाव से दोषियों पर कार्रवाई अपेक्षित थी।

पुराने आरोप भी चर्चा में
सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि मैनेजर अभय झा पर पहले से ही ड्राइवरों के साथ गाली-गलौच और दुर्व्यवहार के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में, ताजा घटना के बाद भी निर्णायक कदम न उठना कर्मचारियों के आक्रोश को बढ़ा रहा है।

अब आगे क्या?
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि समयबद्ध, लिखित और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि SECL गेवरा प्रबंधन और PNC इंफ्राटेक लिमिटेड पारदर्शिता के साथ नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हैं या मामला फिर आश्वासनों तक सीमित रह जाता है।

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads


ads