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कुत्तों के काटने से दहशत, सरकारी अस्पताल में इंजेक्शन नहीं — 400 रुपये में खरीदने को मजबूर मरीज

शीर्षक:
डॉग बाइट के बढ़ते मामले, स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म — पीड़ित 400 रुपये में खरीदकर लगवाने को मजबूर


कोरबा–हरदीबाजार।
कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार में एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी के कारण डॉग बाइट के पीड़ितों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को बाजार से महंगे दाम पर दवा खरीदकर लगवानी पड़ रही है।

जानकारी के अनुसार गर्मी के दिनों में आवारा कुत्ते भूख और प्यास के कारण अधिक आक्रामक हो जाते हैं और राहगीरों को काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में पीड़ित जब इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार पहुंचते हैं तो उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं मिल पाता। मजबूरी में उन्हें लगभग 400 रुपये प्रति इंजेक्शन की दर से बाहर से खरीदकर लगवाना पड़ रहा है।

डॉक्टरों के मुताबिक डॉग बाइट के बाद मरीज को करीब पांच एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने होते हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।

इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार के सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. युद्धेश सांडे ने बताया कि हरदीबाजार, उतरदा और कोरबी स्वास्थ्य केंद्रों में पिछले लगभग एक महीने से एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र में कुत्तों के काटने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं, इसलिए विभाग को इंजेक्शन की मांग भेजी जा चुकी है।

डॉ. सांडे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध करा दिया जाएगा।

वहीं क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि डॉग बाइट जैसी गंभीर स्थिति में सरकारी अस्पतालों में दवा का अभाव होना चिंताजनक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि गरीब मरीजों को राहत मिल सके।

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